ग्रामोदय विश्वविद्यालय द्वारा किसानों को तिल की उन्नत प्रजाति के बीज एवं कृषि सामग्री वितरित
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चित्रकूट- 06 जुलाई 2026। महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में संचालित अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (तिल एवं रामतील) के अंतर्गत कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे के निर्देशन तथा कृषि संकाय के फसल विज्ञान विभागाध्यक्ष एवं परियोजना समन्वयक डॉ. सुधाकर प्रसाद मिश्र के संयोजन में ग्राम पालदेव में कृषकों के लिए बीज एवं कृषि आदानों का वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन (FLD) योजना के तहत 60 एकड़ क्षेत्र में तिल की खेती हेतु किसानों को तिल की उन्नत एवं अधिक उत्पादन क्षमता वाली प्रजाति आर.टी.-372 के प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए गए। इसके साथ ही यूरिया, डीएपी, एमओपी, जिंक, सल्फर, बीजोपचार हेतु फफूंदनाशी (फंगीसाइड) तथा अन्य आवश्यक कृषि सामग्री का भी वितरण किया गया।
इस अवसर पर टेढ़ी पतवनिया, चौबेपुर, थरपहाड़, नौबस्ता, अमहॉ, खरहा एवं हरदुआ ग्रामों के किसानों को तिल की वैज्ञानिक विधि से बुवाई, बीज शोधन, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, फसल संरक्षण तथा विभिन्न रोग एवं कीटों की रोकथाम के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को उन्नत तकनीकों को अपनाकर अधिक उत्पादन एवं बेहतर गुणवत्ता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में सहभागी किसानों ने विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराई गई उन्नत प्रजाति एवं कृषि सामग्री के प्रति प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि तिल की प्रजाति आर.टी.-372 इस क्षेत्र की जलवायु एवं मृदा के अनुकूल सिद्ध होगी तथा वर्तमान खरीफ मौसम में बेहतर उपज प्राप्त करने में सहायक बनेगी।
विश्वविद्यालय द्वारा संचालित यह पहल किसानों तक नवीन कृषि तकनीकों के प्रसार, उन्नत बीजों के उपयोग तथा वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे क्षेत्र के तिल उत्पादक किसानों की आय एवं उत्पादकता में वृद्धि होने की अपेक्षा है।

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