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July 5, 2026

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खनन उद्योग की भावी चुनौतियों और तकनीकी नवाचार पर एकेएस विश्वविद्यालय में कार्यशाला, फोमेंटो समूह के साथ तकनीकी सहयोग पर जोर

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सतना। खनन उद्योग में तेजी से बदलती तकनीकों, बढ़ती खनिज मांग और उद्योग–शिक्षा साझेदारी को नई दिशा देने के उद्देश्य से एकेएस विश्वविद्यालय के खनन अभियांत्रिकी विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के शुभारंभ पर स्वामी विवेकानंद सभागार में तकनीकी कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में खनन क्षेत्र की उभरती तकनीकों, औद्योगिक अपेक्षाओं, कौशल विकास, अनुसंधान सहयोग तथा भविष्य की रोजगार संभावनाओं पर विशेषज्ञों ने विस्तार से विचार साझा किए।


मुख्य अतिथि फोमेंटो ग्रुप के निदेशक राजीव कुमार ने कहा कि भारत के आधारभूत ढांचे, इस्पात उद्योग और ऊर्जा सुरक्षा में खनन क्षेत्र की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने बताया कि समूह ने उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के गिरार क्षेत्र में लौह अयस्क परियोजना प्रारंभ की है, जहां एकेएस विश्वविद्यालय के साथ तकनीकी सहयोग स्थापित किया गया है। इस साझेदारी के माध्यम से विद्यार्थियों को वास्तविक खनन परियोजनाओं का अनुभव, औद्योगिक प्रशिक्षण, तकनीकी अध्ययन, शोध तथा रोजगारोन्मुख कौशल विकसित करने के अवसर मिलेंगे।
विशिष्ट अतिथि एवं फोमेंटो मिनरल रिसोर्सेस के महाप्रबंधक शशि भूषण राय ने कहा कि वर्ष 2030 तक भारत में लगभग 450 मिलियन टन लौह उत्पादन का लक्ष्य देश के खनन क्षेत्र को नई गति देगा। इससे खनन अभियंताओं, भू-विज्ञान विशेषज्ञों, खनिज प्रसंस्करण तथा खदान प्रबंधन से जुड़े पेशेवरों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि गिरार परियोजना केवल लौह अयस्क उत्पादन तक सीमित नहीं होगी, बल्कि डिजिटल माइनिंग, वैज्ञानिक खदान नियोजन, सुरक्षा प्रबंधन और सतत खनन पद्धतियों जैसे क्षेत्रों में भी विश्वविद्यालय के साथ संयुक्त कार्य की व्यापक संभावनाएं हैं।


विभागाध्यक्ष डॉ. बी. के. मिश्र ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि आधुनिक खनन शिक्षा का उद्देश्य केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी दक्षता, व्यावहारिक अनुभव और पेशेवर दृष्टिकोण से तैयार करना है। उन्होंने कहा कि उद्योग–शिक्षा सहयोग विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता को सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम है।
कार्यक्रम का संचालन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय के अधिष्ठाता प्रो. जी. के. प्रधान ने किया तथा आभार प्रदर्शन प्रो. ए. के. मित्तल ने किया। कार्यशाला में विभाग के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लेकर खनन उद्योग की नवीनतम प्रवृत्तियों, तकनीकी चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर विशेषज्ञों से संवाद किया।

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