एकेएस विश्वविद्यालय के विधि संकाय की पुस्तक प्रकाशित, समान नागरिक संहिता पर शोधपरक ग्रंथ को मिली पहचान
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सतना। नैक प्रत्यायित एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से मान्यता प्राप्त एकेएस विश्वविद्यालय, सतना के विधि संकाय को एक और महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि प्राप्त हुई है। विश्वविद्यालय के विधि संकाय के अधिष्ठाता डॉ. सुधीर कुमार जैन, सहायक प्राध्यापक प्रशान्त कुमार तथा विधि स्नातकोत्तर (एलएलएम) की छात्रा दीपमाला परमार द्वारा लिखित पुस्तक “भारत में समान नागरिक संहिता : गोवा एवं उत्तराखंड के तुलनात्मक परिप्रेक्ष्य” (प्रथम संस्करण, जून 2026, आईएसबीएन : 978-93-7821-693-0) का प्रकाशन अनंता प्रेस, बिलासपुर द्वारा किया गया है।

यह पुस्तक भारत में समान नागरिक संहिता के संबंध में गोवा एवं उत्तराखंड के विधिक प्रावधानों, संवैधानिक दृष्टिकोण तथा व्यावहारिक पक्षों का तुलनात्मक एवं शोधपरक विश्लेषण प्रस्तुत करती है। पुस्तक में दोनों राज्यों के अनुभवों के आधार पर समान नागरिक संहिता की अवधारणा, उसके क्रियान्वयन, संभावनाओं तथा चुनौतियों का गहन अध्ययन किया गया है। यह ग्रंथ विधि के विद्यार्थियों, शोधार्थियों, अधिवक्ताओं, शिक्षकों तथा विधि विशेषज्ञों के लिए एक उपयोगी संदर्भ सामग्री सिद्ध होगा। पुस्तक अमेज़न, फ्लिपकार्ट तथा किंडल जैसे प्रमुख ऑनलाइन मंचों पर उपलब्ध है।

पुस्तक के प्रकाशन पर विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर इंजीनियर अनंत कुमार सोनी, कुलपति प्रो. बी. ए. चोपड़े, विश्वविद्यालय के सभी विभागों के विद्वान प्राध्यापकों, विधिक सलाहकार सूर्यनाथ सिंह गहरवार, विधि विभागाध्यक्ष डॉ. विधि शम्भरकर तथा विधि संकाय के समस्त प्राध्यापकों ने डॉ. सुधीर कुमार जैन, प्रशान्त कुमार एवं दीपमाला परमार को इस उल्लेखनीय शैक्षणिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

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