धरमजयगढ़ क्षेत्र के छाल स्थित एसईसीएल पर कचरा निपटान को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, कंपनी द्वारा कॉलोनी से निकलने वाले कचरे का समुचित निपटान करने के बजाय उसे जंगलों और किसानों के खेतों में फेंका जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस अव्यवस्थित तरीके से कचरा फेंके जाने से उनकी खेती पर सीधा असर पड़ रहा है। कई किसानों ने अपनी परेशानी को वीडियो के माध्यम से भी उजागर किया है, जिसमें खेतों में प्लास्टिक सहित अन्य अवशिष्ट पदार्थ स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। स्थिति और भी चिंताजनक तब हो जाती है जब इस कचरे में मौजूद प्लास्टिक और हानिकारक पदार्थों को गाय और अन्य मवेशी खा लेते हैं। इससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है और उनकी जान पर भी संकट मंडरा रहा है। कचरा निपटान से जुड़े नियमों की अनदेखी कर कंपनी द्वारा इस तरह की मनमानी न केवल पर्यावरण को क्षति पहुंचा रही है, बल्कि किसानों की आजीविका और मवेशियों की सुरक्षा को भी खतरे में डाल रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर ठोस कार्रवाई की मांग की है, ताकि निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित हो और इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।