धरमजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र में प्रस्तावित दुर्गापुर ll सरिया कोयला परियोजना विस्थापन के बड़े प्रभाव के बावजूद फिलहाल शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ती नजर आ रही है। इस परियोजना से 6 गांवों के 128 परिवार सीधे तौर पर प्रभावित होंगे और उन्हें विस्थापन की मार झेलनी पड़ेगी, फिर भी अब तक क्षेत्र में किसी बड़े विरोध या आंदोलन की स्थिति सामने नहीं आई है। प्रभावित होने वाले गांव में धरमजयगढ़ सहित धरमजयगढ़ कॉलोनी , बायसी कॉलोनी , बायसी , मेढरमार और तराईमार शामिल हैं ! यह स्थिति इसलिए भी अलग मानी जा रही है क्योंकि धरमजयगढ़ क्षेत्र की अन्य प्रस्तावित कोयला खदानों में, जहां विस्थापन का संकट नहीं है , वहां भी व्यापक विरोध और जनआंदोलन देखने को मिले हैं। इसके विपरीत, इस परियोजना में स्पष्ट रूप से विस्थापन की स्थिति होने के बावजूद माहौल अपेक्षाकृत शांत बना हुआ है। कहीं न कहीं यह भी माना जा रहा है कि कंपनी का प्रबंधन इस मामले में संतुलित और व्यवस्थित तरीके से काम कर रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर असंतोष उभरकर सामने नहीं आ रहा है। हालांकि, यह भी ध्यान देने वाली बात है कि परियोजना अभी प्रारंभिक चरण में है और पुनर्वास तथा बसाहट की प्रक्रिया शुरू होना बाकी है। ऐसे में आने वाले समय में जैसे-जैसे परियोजना आगे बढ़ेगी और विस्थापन की प्रक्रिया जमीन पर उतरेगी, स्थिति में बदलाव संभव है। फिलहाल सब कुछ शांत है, लेकिन आगे क्या घटनाक्रम होता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।