छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक कामकाज को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 1 जनवरी 2026 से राज्य के सभी शासकीय विभागों में 100 फीसदी ऑनलाइन वर्किंग अनिवार्य कर दी है। शासन के नए आदेश के मुताबिक अब सभी फाइलें, नोटशीट और कार्यालयीन नस्ती केवल ई–ऑफिस के माध्यम से ही संचालित होंगी। आम प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों, कमिश्नरों और कलेक्टरों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं!
GAD के आदेश के अनुसार 31 दिसंबर के बाद छत्तीसगढ़ में फिजिकल फाइल और नोटशीट संचालन पर पूरी तरह रोक रहेगी और किसी भी विभाग को इसकी अनुमति नहीं होगी। मंत्रालय में ई–ऑफिस पहले से लागू है और अब इसे सभी विभागों में सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया गया है। कई विभाग अभी भी फिजिकल फाइल और नोटशीट चला रहे थे लेकिन शासन ने इसे सख्ती से समाप्त करते हुए डिजिटल व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया है !
शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन प्रकरणों पर शासन स्तर से अनुमोदन आवश्यक होता है उन्हें अधीनस्थ कार्यालय केवल ई–ऑफिस की फाइल के माध्यम से ही भेजेंगे। सूचनात्मक पत्राचार भी ई–ऑफिस की रसीद प्रणाली से ही किया जाएगा। अधिकारियों के शासकीय प्रवास के दौरान भी ई–ऑफिस के माध्यम से सभी कार्य निपटाए जाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर सार्वजनिक अवकाश में भी अधिकारी ई–ऑफिस से काम कर सकेंगे !
नए निर्देश में यह भी कहा गया है कि दस्तावेजों को प्राथमिकता से डिजिटल रूप में तैयार किया जाए। शासन का उद्देश्य है कि पूरे प्रदेश में प्रशासनिक कार्य अधिक प्रभावी, सरल, उत्तरदायी और पारदर्शी हो और फिजिकल फाइल प्रणाली पूरी तरह समाप्त हो सके !
इस आदेश के लागू होने के बाद जनवरी 2026 से छत्तीसगढ़ में शासकीय कार्य व्यवस्था पूरी तरह डिजिटली संचालित होगी और फिजिकल फाइलों का युग समाप्त माना जाएगा !