श्री रामाकृष्णा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग साइंस एंड मैनेजमेंट करही में कार्यरत पूर्णिमा तिवारी का शोध पत्र प्रकाशित हुआ। शोध का विषय “वाइटल चेंज इन टीचिंग एट द मोमेंट” रहा। इस शोध का मुख्य उद्देश्य शिक्षण में महत्वपूर्ण बदलावों में तकनीक का उपयोग, व्यक्तिगत शिक्षण, और विद्यार्थियों की भागीदारी पर ध्यान केंद्रित जाना है। इन बदलावों के साथ, शिक्षक अब विद्यार्थियों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए नए तरीकों का उपयोग कर रहे हैं। पूर्णिमा तिवारी डिपार्टमेंट ऑफ ह्यूमैनिटीज में मैथ्स सब्जेक्ट की असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। इन्होंने अपनी सफलता का श्रेय कॉलेज मैनेजमेंट और साथी प्राध्यापकों को दिया। पूर्णिमा का कहना है कि शिक्षक को हमेशा अभिभावक की भूमिका में होना चाहिए। एक यही तरीका है जिस से हम विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखार सकते हैं और विषय के प्रति उनमें जागरूकता का सकते हैं। संस्था प्रमुख शम्मी पुरी जी ने पूर्णिमा की प्रशंसा की। डायरेक्टर टेक्निकल विंग करही डॉ अग्निवेश अग्निहोत्री ने कहा कि पूर्णिमा तिवारी हमारे संस्थान की अनुभवी और कुशल शिक्षिका हैं। शोध के साथ ही इनका प्रयास हमेशा स्टूडेंट्स के लिए कुछ बेहतर करने का होता है इसलिए इन्हें अपने विषय में महारथ हासिल है। एकेडमिक डायरेक्टर टेक्निकल विंग शुभी खरे, अभय मिश्रा, दीपेश निगम, डॉ अमित पांडे ने पूर्णिमा तिवारी के प्रयासों की सराहना की।