वैदिक इंटरनेशनल स्कूल की कार्यप्रणाली पर अभिभावकों में नाराजगी
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घरेलू कार्यक्रम में बच्चे को शाम तक की आउटिंग नहीं मिलने का आरोप, प्रिंसिपल से फोन पर संवाद न होने से बढ़ी नाराजगी

रायगढ़। वैदिक इंटरनेशनल स्कूल की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर अभिभावक वर्ग में नाराजगी सामने आई है। एक अभिभावक ने स्कूल प्रबंधन पर पारिवारिक परिस्थितियों को पर्याप्त महत्व नहीं देने का आरोप लगाते हुए मामले को स्कूल के चेयरमैन स्तर तक ले जाने की बात कही है। मामला बच्चे को परिवार के एक घरेलू कार्यक्रम में शामिल कराने के लिए कुछ घंटों की आउटिंग की अनुमति से जुड़ा है।
अभिभावक के अनुसार, परिवार में आयोजित एक घरेलू कार्यक्रम में बच्चे की मौजूदगी आवश्यक थी। इसी उद्देश्य से स्कूल प्रबंधन से बच्चे को शाम तक के लिए बाहर ले जाने की अनुमति मांगी गई थी।

अभिभावक का कहना है कि अनुरोध किसी अनुचित गतिविधि के लिए नहीं, बल्कि पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए किया गया था। इसके बावजूद अनुमति नहीं दी गई, जिससे अभिभावक ने स्कूल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

प्रिंसिपल से फोन पर बातचीत नहीं होने का आरोप
मामले को लेकर अभिभावक ने प्रिंसिपल से फोन पर बातचीत कर अपनी पारिवारिक स्थिति और बच्चे को कुछ समय के लिए बाहर ले जाने की आवश्यकता समझाने का प्रयास किया। आरोप है कि प्रिंसिपल ने फोन पर बातचीत करने से ही इंकार कर दिया। अभिभावक के मुताबिक, यदि किसी नियम अथवा प्रशासनिक कारण से आउटिंग की अनुमति संभव नहीं थी, तो कम से कम उनकी बात सुनकर स्थिति स्पष्ट की जा सकती थी।
अभिभावक का कहना है कि आवासीय अथवा नियमित विद्यालय व्यवस्था में बच्चों से जुड़े निर्णय लेते समय उनकी पारिवारिक परिस्थितियों को समझना और अभिभावकों के साथ संवाद बनाए रखना आवश्यक है। ऐसे मामलों में नियमों का पालन अपनी जगह महत्वपूर्ण है, लेकिन मानवीय परिस्थितियों को समझने की गुंजाइश भी होनी चाहिए।
स्कूल प्रशासन और अभिभावकों के बीच संवाद पर सवाल
घटना के बाद अभिभावक वर्ग में स्कूल प्रशासन और अभिभावकों के बीच संवाद की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चे की शिक्षा, सुरक्षा और पारिवारिक आवश्यकताओं से जुड़े मामलों में यदि प्रशासन से सहज संवाद ही संभव न हो, तो इससे अभिभावकों में असंतोष स्वाभाविक है।
अभिभावक ने पूरे मामले की शिकायत स्कूल के चेयरमैन तक पहुंचाने की बात कही है। साथ ही स्कूल प्रबंधन से मामले की निष्पक्ष समीक्षा करने, अभिभावकों की शिकायतों को गंभीरता से सुनने तथा बच्चों से जुड़े मामलों में आवश्यकतानुसार मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग की है।
हालांकि, इस संबंध में स्कूल प्रबंधन अथवा प्रिंसिपल का पक्ष सामने नहीं आया है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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