दशहरा मैदान में शान से लहराया तिरंगा, संस्कृति के सतरंगी रंगों से सजा स्वतंत्रता दिवस
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धरमजयगढ़ – स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर धरमजयगढ़ का दशहरा मैदान शनिवार को राष्ट्रभक्ति, गौरव और सांस्कृतिक वैभव का साक्षी बना। आसमान में शान से लहराता तिरंगा, गूंजता राष्ट्रगान और देशभक्ति के भाव से ओतप्रोत वातावरण ने स्वतंत्रता दिवस समारोह को गरिमामय और अविस्मरणीय बना दिया। तिरंगे के आरोहण के साथ ही उपस्थित जनसमुदाय के हृदय में देश के प्रति गौरव और कृतज्ञता का भाव उमड़ पड़ा।

मुख्य समारोह से पूर्व नगर में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के छात्र-छात्राओं द्वारा निकाली गई प्रभात फेरी ने स्वतंत्रता दिवस के उत्साह को नई ऊंचाई प्रदान की। हाथों में तिरंगा थामे और देशभक्ति के नारों से वातावरण को गुंजायमान करते विद्यार्थी जब नगर की सड़कों से गुजरे, तो धरमजयगढ़ की फिजाओं में राष्ट्रप्रेम की अनुभूति स्पष्ट रूप से महसूस की गई। प्रभात फेरी में विद्यार्थियों का उत्साह, अनुशासन और देश के प्रति समर्पण देखते ही बनता था।
दशहरा मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों ने अनुशासित कदमताल और गरिमापूर्ण सहभागिता से आयोजन की भव्यता में चार चांद लगा दिए। सधे हुए कदमों और आत्मविश्वास से भरी उपस्थिति ने विद्यार्थियों की अनुशासनप्रियता और राष्ट्र के प्रति उनके दायित्वबोध की सुंदर अभिव्यक्ति प्रस्तुत की।
इसके पश्चात आरंभ हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को जीवंतता और विविधता से भर दिया। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की बहुरंगी लोकसंस्कृति, परंपराओं, कला और राष्ट्रीय चेतना का ऐसा मनोहारी चित्र प्रस्तुत किया कि पूरा दशहरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। गीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में कहीं देशभक्ति की प्रखर अभिव्यक्ति दिखाई दी तो कहीं भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं की अनुपम झलक देखने को मिली।

इसी क्रम में पीएम श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय धरमजयगढ़ के विद्यार्थियों ने ओडिशा की समृद्ध संस्कृति और भगवान जगन्नाथ की महिमा पर केंद्रित अत्यंत प्रभावशाली प्रस्तुति दी। आकर्षक वेशभूषा, सधे हुए तालमेल, भावपूर्ण अभिनय और मनमोहक नृत्य के माध्यम से विद्यार्थियों ने प्रस्तुति को जीवंत बना दिया। दर्शकों ने उत्स्फूर्त तालियों के साथ बच्चों का उत्साहवर्धन किया। उत्कृष्ट प्रस्तुति के आधार पर विद्यालय ने हाईस्कूल स्तर पर प्रथम स्थान अर्जित कर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर विद्यालय के प्राचार्य हकीमउल्ला खान सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि बच्चों की यह सफलता उनकी प्रतिभा के साथ-साथ परिश्रम, अनुशासन और सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में इसी लगन, आत्मविश्वास और उत्कृष्टता के साथ आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित किया।
स्वतंत्रता दिवस का यह समारोह केवल राष्ट्रीय पर्व की औपचारिकता नहीं, बल्कि स्वाधीनता के संघर्ष, असंख्य बलिदानों और राष्ट्र के प्रति हमारे दायित्वों को स्मरण करने का भावपूर्ण अवसर बन गया। एक ओर आकाश में गर्व से लहराता तिरंगा देश की स्वतंत्रता का संदेश दे रहा था, तो दूसरी ओर नई पीढ़ी अपनी प्रतिभा, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना के माध्यम से राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की तस्वीर प्रस्तुत कर रही थी।
धरमजयगढ़ के दशहरा मैदान में सजे इस राष्ट्रीय उत्सव ने यह अनुभूति कराई कि स्वतंत्रता केवल इतिहास का गौरव नहीं, बल्कि वर्तमान की जिम्मेदारी और भविष्य का संकल्प भी है। तिरंगे की छांव में उमड़ा जनसैलाब, विद्यार्थियों का उत्साह और संस्कृति के विविध रंग—इन सबने मिलकर धरमजयगढ़ के स्वतंत्रता दिवस को भावनाओं, गौरव और देशभक्ति से भरा एक यादगार अध्याय बना दिया।



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