एकेएस विश्वविद्यालय में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजितसुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने एवं साइबर अपराधों से बचाव के लिए विद्यार्थियों को दिलाई गई शपथ
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सतना। नैक प्रत्यायित एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से मान्यता प्राप्त एकेएस विश्वविद्यालय, सतना के विवेकानंद सभागार में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करते हुए सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम में सिविल लाइंस थाना की थाना प्रभारी (टीआई) दीप्ति विश्वकर्मा एवं उपनिरीक्षक (एसआई) रैकवार ने साइबर अपराधों के बदलते स्वरूप, ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों तथा उनसे बचाव के प्रभावी उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के विस्तार के साथ साइबर अपराधों में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक के लिए डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है।

विशेषज्ञों ने ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी, फिशिंग, फर्जी वेबसाइट, क्यूआर कोड फ्रॉड, सोशल मीडिया अपराध, साइबर बुलिंग, डिजिटल पहचान की चोरी तथा मोबाइल एवं इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, पासवर्ड, एटीएम पिन, सीवीवी अथवा बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी कभी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक, ई-मेल, मोबाइल संदेश या क्यूआर कोड पर बिना सत्यापन के क्लिक करने से बचें तथा सोशल मीडिया का उपयोग पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ करें।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध का शिकार होने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराने से त्वरित कार्रवाई संभव होती है और आर्थिक नुकसान की संभावना कम की जा सकती है।
साइबर सुरक्षा से जुड़े अनेक व्यावहारिक उदाहरणों एवं वास्तविक घटनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया। विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया तथा साइबर अपराधों से बचाव के प्रभावी उपायों को समझा।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने, साइबर अपराधों के प्रति स्वयं जागरूक रहने तथा समाज में भी साइबर सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता फैलाने की शपथ दिलाई गई। सभी प्रतिभागियों ने डिजिटल माध्यमों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने और दूसरों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विश्वविद्यालय की ओर से मनीष अग्रवाल, डॉ. संदीप प्रसाद एवं ईर. अवधेश पांडेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के समस्त पदाधिकारी, अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल समाज के निर्माण का प्रभावी संदेश दिया।
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