घुमंतू पशुओं की सुरक्षा एवं त्वरित उपचार के लिए संयुक्त प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित
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जांजगीर-चांपा, 06 जुलाई 2026 — सड़क दुर्घटनाओं में घायल एवं मृत्यु को शिकार बनने वाले घुमंतू पशुओं की संख्या कम करने के उद्देश्य से जिला पंचायत सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण संयुक्त प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पांडेय और उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. ए.एल. सिंह की प्रमुख उपस्थिति रही। पशु प्रेमी, स्वयंसेवी संस्थाओं के संचालक, गौसेवक तथा संबंधित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पांडेय ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में पशुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन, पुलिस, पशुधन विकास विभाग और समाज के सभी वर्गों का समन्वित प्रयास जरूरी है। उन्होंने पशुओं के समुचित प्रबंधन, संरक्षण तथा समय पर उपचार की व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि पशु सेवा एवं संरक्षण से जुड़े हर प्रयास में पुलिस विभाग पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा।
डॉ. ए.एल. सिंह ने बताया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों ने घायल पशुओं के त्वरित उपचार में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं को रखा। उन्होंने कहा कि स्टाफ की कमी और सीमित संसाधनों के बावजूद विभाग घायल पशुओं को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय एवं अपील:
• पशु मालिकों से अपील की गई कि वे अपने पशुओं को खुले में न छोड़ें।
• फसल कटाई के बाद पराली को जलाने के बजाय उसे गोठानों या पंचायत स्तर पर चारे (पैरा) के रूप में सुरक्षित रखें।
• घुमंतू पशुओं की पहचान के लिए रेडियम बेल्ट एवं टैगिंग प्रणाली अपनाने पर सहमति बनी।
• प्रत्येक विकासखंड से एक-एक सक्रिय पशु सेवा कार्यकर्ता को पशु प्राथमिक उपचार दवा किट वितरित की गई।
• भविष्य में ग्राम पंचायत एवं विकासखंड स्तर पर भी इसी प्रकार की प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
यह कार्यशाला घुमंतू पशुओं की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस और पशुधन विकास विभाग के समन्वित प्रयासों की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।
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