छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने जांजगीर-चांपा में की 410वीं जनसुनवाई, 28 प्रकरणों पर सुनवाई, कई मामलों में सख्त निर्देश व सुलह
1 min read
जांजगीर-चांपा, 07 जुलाई 2026 — छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया ने जिला पंचायत सभाकक्ष में महिला उत्पीड़न से संबंधित 28 प्रकरणों की जनसुनवाई की। यह प्रदेश स्तर पर आयोग की 410वीं तथा जिले में 12वीं जनसुनवाई थी।

सुनवाई के दौरान विभिन्न प्रकरणों में महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। एक प्रकरण में दोनों पक्षों ने बताया कि मार्च माह में परिवार परामर्श केंद्र में सुलहनामा हो चुका है। दंपति अलग-अलग मकान लेकर सामंजस्यपूर्ण ढंग से रह रहे हैं। आयोग ने दोनों पक्षों को भविष्य में विवाद न करने की समझाइश दी और सखी प्रशासिका को मासिक काउंसलिंग करने के निर्देश दिए।
दूसरे प्रकरण में अनावेदकों ने आयोग के समक्ष माफी मांगी। उन्होंने 26 सितंबर 2024 को आयोग कार्यालय में कर्मचारियों के साथ बदतमीजी करने की घटना स्वीकार की, जिसकी गोल बाजार थाने में शिकायत भी दर्ज हुई थी। आयोग ने आवेदिका को अनावेदकों के मामलों में बीच में न आने की सलाह देते हुए प्रकरण को निस्तारित कर दिया।
डीएनए टेस्ट का आदेश, खर्च अनावेदक वहन करेगाएक अन्य महत्वपूर्ण प्रकरण में अनावेदक (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लैब टेक्निशियन, मासिक वेतन 70,000 रुपये) पिछली सुनवाई में दिए गए आदेश का पालन नहीं कर सका। आयोग ने पहले ही डीएनए परीक्षण व भरण-पोषण का निर्देश दिया था, लेकिन अनुपालन न होने पर आज पुनः सख्त आदेश जारी किया। अनावेदक को आवेदिका व बच्चे का डीएनए टेस्ट कराने, पूरा खर्च वहन करने तथा दो माह के अंदर रिपोर्ट आयोग को सौंपने के निर्देश दिए गए।
तलाक लंबित होने पर प्रकरण निस्तारितएक प्रकरण में आवेदिका द्वारा तलाक की लंबित न्यायिक प्रक्रिया छिपाए जाने का पता चलने पर आयोग ने मामले को निस्तारित कर दिया, क्योंकि ऐसे मामलों की सुनवाई आयोग में संभव नहीं है।
महिला चिकित्सकों की शिकायत पर कार्रवाईअन्य प्रकरण में महिला चिकित्सक मोबाइल यूनिट की डॉक्टर ने प्रोजेक्ट मैनेजर के विरुद्ध शिकायत की। आयोग ने सभी महिला कर्मचारियों को विस्तृत संशोधित शिकायत प्रस्तुत करने को कहा। सखी प्रशासिका को आईसीसी कमेटी जांच के लिए सीएमओ शिवरीनारायण को पत्र भेजने के निर्देश दिए गए।
डॉ. किरणमयी नायक ने सभी पक्षकारों को न्याय दिलाने व महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के प्रति आयोग की प्रतिबद्धता दोहराई। सुनवाई शांतिपूर्ण व पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई।
Subscribe to my channel