मानविकी शिक्षा से गढ़िए नेतृत्व और सफलता का भविष्य, एकेएस विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रारंभ
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सतना। उच्च शिक्षा के बदलते परिदृश्य में मानविकी विषय आज केवल इतिहास, राजनीति विज्ञान या साहित्य के अध्ययन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सुशासन, सार्वजनिक नीति, प्रशासन, मीडिया, शोध और वैश्विक नेतृत्व जैसे क्षेत्रों की मजबूत नींव बन चुके हैं। इसी दृष्टिकोण के साथ नैक प्रत्यायित एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से मान्यता प्राप्त एकेएस विश्वविद्यालय, सतना का मानविकी संकाय विद्यार्थियों को ज्ञान, व्यक्तित्व विकास और व्यावसायिक दक्षता का समन्वित मंच प्रदान कर रहा है।

शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए संकाय में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध कार्यक्रमों में प्रवेश प्रारंभ हो गए हैं। इसकी जानकारी मानविकी संकायाध्यक्ष ने देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें समाज, शासन और राष्ट्र निर्माण में प्रभावी भूमिका निभाने के योग्य बनाना है।
संकायाध्यक्ष ने बताया कि मानविकी संकाय के अंतर्गत बी.ए./बी.ए. ऑनर्स में कम्प्यूटर अनुप्रयोग, राजनीति विज्ञान, इतिहास एवं अंग्रेजी साहित्य, एम.ए. में राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, इतिहास, समाजशास्त्र, अंग्रेजी साहित्य तथा लोक प्रशासन और पीएच.डी. स्तर पर इतिहास, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र एवं लोक प्रशासन विषयों में अध्ययन एवं शोध की सुविधा उपलब्ध है। संकाय में विद्यार्थियों को अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन, आधुनिक शिक्षण पद्धतियाँ, समृद्ध पुस्तकालय, डिजिटल संसाधन तथा शोधोन्मुख वातावरण उपलब्ध कराया जाता है।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप मानविकी शिक्षा विद्यार्थियों में विश्लेषणात्मक सोच, तार्किक क्षमता, प्रभावी संप्रेषण कौशल, नेतृत्व, निर्णय क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे गुणों का विकास करती है। यही दक्षताएँ उन्हें न केवल प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफलता दिलाती हैं, बल्कि बदलते रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप भी तैयार करती हैं।
संकायाध्यक्ष के अनुसार मानविकी संकाय से अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिए संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), राज्य लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग, न्यायिक एवं प्रशासनिक सेवाओं, शिक्षण, उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान, पत्रकारिता, जनसंपर्क, मीडिया, कॉर्पोरेट संचार, मानव संसाधन प्रबंधन, सामाजिक विकास संस्थानों, नीति अनुसंधान संगठनों, गैर-सरकारी संस्थाओं तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों में व्यापक रोजगार एवं करियर की संभावनाएँ उपलब्ध हैं। वहीं शोध के इच्छुक विद्यार्थी पीएच.डी. के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों तथा शोध संस्थानों में अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि एकेएस विश्वविद्यालय का मानविकी संकाय विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास पर विशेष बल देता है, जिससे वे ज्ञान, संवेदनशीलता और नेतृत्व क्षमता के साथ समाज एवं राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान दे सकें। उन्होंने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से समय रहते प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण कर गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के इस अवसर का लाभ उठाने का आह्वान किया।
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