*:शिक्षा के क्षेत्र में मनेन्द्रगढ़ का महा-धमाका: आदर्श ग्रुप ऑफ एजुकेशन ने रचा स्वर्णिम इतिहास*, शत-प्रतिशत रहा परीक्षा परिणाम
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*रिपोटर रत्नेश गुप्ता*
टॉपर साक्षी मिश्रा, दीपा और देवेंद्र ने बढ़ाया अंचल का गौरव; सफलता की गूंज से गदगद हुआ संपूर्ण क्षेत्र*
मनेन्द्रगढ़, छत्तीसगढ़।

कहते हैं कि जब इरादे फौलादी हों और मेहनत में सच्चाई हो, तो सफलता इतिहास रचती है। कुछ ऐसा ही अभूतपूर्व और गौरवशाली इतिहास एक बार फिर वनांचल क्षेत्र के गौरव ‘आदर्श ग्रुप ऑफ एजुकेशन, मनेन्द्रगढ़’ ने रच दिया है। हाल ही में घोषित हुए डी.एम.एल.टी. (DMLT) परीक्षा के परिणामों ने यह साबित कर दिया है कि यह संस्थान केवल शिक्षा नहीं देता, बल्कि सफलता के कीर्तिमान गढ़ने की फैक्टरी बन चुका है। संस्थान का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत (100%) रहा है। इस अविश्वसनीय और ऐतिहासिक सफलता की खबर फैलते ही पूरे मनेन्द्रगढ़ अंचल सहित शिक्षा जगत में हर्ष, उल्लास और गौरव की लहर दौड़ गई है। मिठाई बांटकर और ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ इस महा-सफलता का जश्न मनाया जा रहा है।
### प्रतिभाओं का महा-संग्राम: पॉइंट-पॉइंट की लड़ाई में साक्षी, दीपा और देवेंद्र ने मारी बाजी
इस बार की परीक्षा में संस्थान के मेधावियों के बीच सफलता का ऐसा कड़ा और स्वस्थ मुकाबला देखने को मिला, जिसने सबको हैरत में डाल दिया। दशमलव के अंकों की इस जंग में छात्र-छात्राओं ने अपनी कुशाग्र बुद्धि और अद्वितीय प्रतिभा का लोहा मनवाया:
🏆 प्रथम स्थान (टॉपर): संस्थान की अत्यंत होनहार और कुशाग्र छात्रा साक्षी मिश्रा ने 83.3% अंक अर्जित कर न केवल कॉलेज में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया, बल्कि पूरे क्षेत्र में अपनी सफलता का परचम लहराया। साक्षी की इस उपलब्धि ने साबित किया कि एकाग्रता से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है।
🥈 द्वितीय स्थान: अपनी निरंतर मेहनत और बेहतरीन अकादमिक रिकॉर्ड को बरकरार रखते हुए दीपा सिंह ने 75.67% अंकों के साथ संस्थान में दूसरा स्थान हासिल कर संस्था का मस्तक गर्व से ऊंचा कर दिया।
🥉 तृतीय स्थान: महज़ 0.01% के अविश्वसनीय रूप से बेहद करीबी और कड़े मुकाबले में देवेंद्र सिंह ने 75.66% अंक अर्जित कर तृतीय स्थान पर अपना कब्जा जमाया। देवेंद्र की इस सफलता ने कॉलेज के कड़े शैक्षणिक स्तर को जगजाहिर कर दिया है।
### सफलता के असली सूत्रधार: शिक्षक सोहन यादव की अनूठी कार्यशैली और सटीक मार्गदर्शन ने बदली तस्वीर
इस ऐतिहासिक और शत-प्रतिशत परिणाम के पीछे जहाँ एक ओर विद्यार्थियों की लगन थी, वहीं दूसरी ओर संस्थान के लोकप्रिय और समर्पित शिक्षक श्री सोहन यादव जी की सबसे महत्वपूर्ण व निर्णायक भूमिका रही।
संस्थान प्रबंधन और विद्यार्थियों ने मुक्त कंठ से श्री सोहन यादव जी के योगदान की सराहना की है। कोर्स के कठिन से कठिन विषयों और प्रैक्टिकल थ्योरी को बेहद सरल और रोचक अंदाज में समझाना सोहन सर की खासियत रही है। उन्होंने न केवल विद्यार्थियों के कमजोर विषयों पर दिन-रात अतिरिक्त कक्षाएं लेकर मेहनत की, बल्कि परीक्षा के तनावपूर्ण माहौल में भी एक सच्चे मार्गदर्शक और मोटिवेटर की तरह छात्रों का हौसला बढ़ाया। विद्यार्थियों का कहना है कि, “सोहन सर की अनूठी शिक्षण शैली, हर छात्र पर व्यक्तिगत ध्यान देने की कला और ‘संदेह निवारण सत्र’ (Doubt Sessions) के कारण ही आज हम सब इस मुकाम पर पहुंच पाए हैं। यह शत-प्रतिशत परिणाम सोहन सर की कड़ी तपस्या का ही प्रतिफल है।”
### संस्थान के मार्गदर्शक का संदेश: “यह केवल अंकों की जीत नहीं, बल्कि कड़े अनुशासन की विजय है”
विद्यार्थियों की इस ऐतिहासिक और अद्वितीय सफलता पर अपनी खुशी और गर्व व्यक्त करते हुए संस्थान के कुशल संचालक आदरणीय श्री रमेश सोनी जी ने भावुक और प्रेरणादायक शब्दों में कहा:
“सफलता कभी भी इत्तेफाक से नहीं मिलती। यह हमारे विद्यार्थियों के रातों की नींद, कड़े अनुशासन, अटूट संकल्प और प्राध्यापकों के सटीक मार्गदर्शन का एक सामूहिक प्रतिफल है। विशेष रूप से हमारे शिक्षक श्री सोहन यादव जी ने जिस निष्ठा और समर्पण के साथ बच्चों को तराशा है, वह अद्वितीय है। आज हमारे विद्यार्थियों ने अपनी इस सफलता से यह साबित कर दिया है कि यदि आपके भीतर आत्मविश्वास है और संकल्प अडिग है, तो देश का कोई भी लक्ष्य आपके सामने छोटा पड़ जाता है। हमें अपनी पूरी टीम और विद्यार्थियों पर गर्व है।”
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