सतना के प्रोफेसर्स ने लिखी ‘संविधान एवं सरकार’ पर अनूठी किताब: BA और BA-LLB के छात्रों के लिए रामबाण; जटिल संवैधानिक प्रावधानों का उदाहरण सहित विश्लेषण
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सतना, मध्य प्रदेश। बी.ए. राजनीति विज्ञान, लोक प्रशासन एवं बीए एलएलबी के विद्यार्थियों के लिए एक उपयोगी अकादमिक संसाधन के रूप में डॉ. प्रियंका बागरी एवं डॉ. धीरेंद्र सिंह द्वारा सह-लिखित पुस्तक “संविधान एवं सरकार: संरचना, सिद्धांत और विश्लेषण” का प्रकाशन किया गया है, जो भारतीय संविधान की संरचनात्मक व्यवस्था, सरकार के तीनों अंगों के कार्य, शक्तियों के पृथक्करण का सिद्धांत, संघीय ढांचा, मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य, राज्य के नीति निदेशक तत्व, न्यायिक पुनरावलोकन तथा समकालीन शासन व्यवस्था में उभरती चुनौतियों का पाठ्यक्रमानुसार विस्तृत एवं विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करती है। पुस्तक की भाषा सरल, बोधगम्य एवं उदाहरण-आधारित है, जिससे विद्यार्थी जटिल संवैधानिक प्रावधानों को आसानी से समझ सकें और परीक्षा की दृष्टि से प्रामाणिक सामग्री प्राप्त कर सकें। प्रथम लेखिका डॉ. प्रियंका बागरी वर्तमान में ए.के.एस. विश्वविद्यालय, सतना में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। लोक प्रशासन में पीएच.डी. उपाधि प्राप्त डॉ. बागरी ई-गवर्नेंस, डिजिटल इंडिया, कृषि नवाचार, ग्रामीण विकास एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में विशेषज्ञ हैं और “विकसित भारत 2047” जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर आयोजित संगोष्ठियों में आमंत्रित वक्ता के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी हैं। उनके कई शोध पत्र राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। द्वितीय लेखक डॉ. धीरेंद्र सिंह राजनीति विज्ञान के वरिष्ठ विद्वान, समालोचक एवं लेखक हैं, जिन्हें शैक्षणिक एवं शोध क्षेत्र में दीर्घ अनुभव प्राप्त है। उनके कुशल मार्गदर्शन में अब तक 11 शोधार्थी पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त कर चुके हैं, जो उनकी अकादमिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस महत्वपूर्ण किताब का प्रकाशन प्रोबसेल प्रेस, प्रोबसेल साइंटिफिक प्रा. लि., गंजपारा, दुर्ग द्वारा किया गया है, जो उच्च शिक्षा से संबंधित स्तरीय एवं पाठ्यक्रम-आधारित पुस्तकों के प्रकाशन के लिए जाना जाता है। आई आईएसबीएन 978-81-993778-2-0 से पंजीकृत एवं ₹420/- मूल्य वाली 178 पृष्ठीय यह पुस्तक वर्तमान में अमेजन पर ऑनलाइन माध्यम से देशभर के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए उपलब्ध है। प्रकाशन संस्थान ने बताया है कि विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस पुस्तक को शीघ्र ही देश की प्रमुख पुस्तक दुकानों तथा विश्वविद्यालय परिसरों के समीप स्थित पुस्तक विक्रेताओं के पास भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे ऑफलाइन माध्यम से भी इसे सरलता से प्राप्त किया जा सके।
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