पुरुँगा कोल ब्लॉक , खनन प्रस्ताव और अनुशंसा में विसंगति ? अंडरग्राउंड या ओपन कास्ट खदान, गहराया संशय !
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धरमजयगढ़ क्षेत्र अंतर्गत पुरुँगा, साम्हरसिंघा एवं तेन्दुमुड़ी कोकदार में प्रस्तावित 621.331 हेक्टेयर की खनन परियोजना को लेकर अब दस्तावेज़ों में सामने आए तथ्यों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। उपलब्ध आधिकारिक अभिलेखों में एक ओर खुली कोयला खदान (ओपन कास्ट) और भूमिगत खनन दोनों का उल्लेख मिलता है, जबकि सिफारिश खुली खदान के पक्ष में दर्शाई गई है।
दस्तावेज़ों के अनुसार, मेसर्स अंबुजा सीमेंट लिमिटेड द्वारा प्रस्तुत इस परियोजना के लिए वन भूमि उपयोग की अनुशंसा की गई है। उल्लेखनीय है कि सिफारिश वाले भाग में परियोजना को स्पष्ट रूप से “खुली खदान” के रूप में वर्णित किया गया है, जिससे संकेत मिलता है कि इसी मॉडल को आगे विचारार्थ भेजा गया है।
हालांकि, प्रस्ताव के अन्य हिस्सों में भूमिगत खनन और उससे संबंधित गतिविधियों का भी उल्लेख दर्ज है। इस प्रकार की असंगति स्वाभाविक रूप से यह प्रश्न उठाती है कि क्या यह केवल दस्तावेज़ी त्रुटि है, या फिर परियोजना के विभिन्न चरणों में इसकी प्रकृति में बदलाव किया गया है।
विदित है कि खुली खदान और भूमिगत खनन की प्रक्रियाएं, पर्यावरणीय प्रभाव तथा नियामक मानदंड एक-दूसरे से काफी भिन्न होते हैं। ऐसे में इस सिफारिश में किस पद्धति को शामिल किया गया है, यह निर्णयात्मक महत्व रखता है। वर्तमान दस्तावेज़ों में सिफारिश खुली खदान के पक्ष में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
ऐसी स्थिति में यह अपेक्षित है कि संबंधित प्राधिकारी इस बिंदु पर स्पष्टता प्रदान करें कि प्रस्ताव में दोनों प्रकार के खनन का उल्लेख किस आधार पर किया गया है क्या यह पूर्व प्रारूप का हिस्सा है या संकलन के दौरान कोई त्रुटि रह गई है।
वन विभाग द्वारा अनुशंसा के उपरांत मामला अब आगे की स्वीकृति प्रक्रिया में है। ऐसे में पारदर्शिता और तथ्यों की स्पष्टता सुनिश्चित करना आवश्यक होगा, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की भ्रम या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
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