ए.के.एस. विश्वविद्यालय मानविकी संकाय की सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रियंका बागरी की उपलब्धि। सामुदायिक अनुसंधान की नई दिशा: रायपुर के शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम में हुई शामिल ।
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सतना। उच्च शिक्षा और सामाजिक विकास के बीच सेतु निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में ए.के.एस. विश्वविद्यालय, सतना की मानविकी संकाय की सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रियंका बागरी ने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र के अंतर्गत “सामुदायिक आधारित सहभागी अनुसंधान” विषयक शिक्षक विकास कार्यक्रम में सहभागिता की। यह प्रशिक्षण 23 से 28 फरवरी 2026 तक आयोजित किया गया, जिसमें देश के सात राज्यों से आए शिक्षकों और शिक्षाविदों ने भाग लेकर समुदाय आधारित अनुसंधान की नवीन अवधारणाओं और व्यावहारिक आयामों पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि सामुदायिक आधारित सहभागी अनुसंधान केवल शैक्षणिक अध्ययन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विश्वविद्यालयों और समाज के बीच सक्रिय साझेदारी का माध्यम बनकर स्थानीय समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि जब उच्च शिक्षण संस्थान स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर अनुसंधान करते हैं, तो उससे ग्रामीण विकास, सामाजिक सशक्तिकरण और स्थानीय नवाचार को नई दिशा मिलती है।इस अवसर पर “विकसित भारत @2047” की राष्ट्रीय परिकल्पना के संदर्भ में भी विस्तृत चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि उन्नत भारत अभियान जैसी पहलों के माध्यम से विश्वविद्यालयों और ग्रामीण समाज के बीच सहयोग स्थापित कर आत्मनिर्भरता, समावेशी विकास और सतत प्रगति के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में व्याख्यान, समूह विमर्श और अध्ययन-प्रकरण विश्लेषण के माध्यम से प्रतिभागियों को यह समझाया गया कि किस प्रकार समुदाय की सहभागिता के साथ किया गया शोध कार्य स्थानीय स्तर पर प्रभावी परिवर्तन का आधार बन सकता है।
इस कार्यक्रम में सहभागिता के माध्यम से डॉ. प्रियंका बागरी को सामुदायिक अनुसंधान के नए दृष्टिकोणों और सामाजिक विकास से जुड़े व्यावहारिक अनुभवों को समझने का अवसर प्राप्त हुआ, जो भविष्य में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों और समाजोपयोगी अनुसंधान को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगा।
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