सतना। ए.के.एस. विश्वविद्यालय की शोधार्थी स्वप्निल गर्ग ने उमियम, मेघालय में आयोजित 23वीं राष्ट्रीय अंतरिक्ष विज्ञान संगोष्ठी (NSSS–2026) में अपने शोध व्याख्यान से वैज्ञानिक समुदाय का ध्यान आकर्षित किया। इस प्रतिष्ठित संगोष्ठी का आयोजन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और नॉर्थ ईस्टर्न स्पेस एप्लिकेशन सेंटर (नेसेक) द्वारा किया गया। अपने मार्गदर्शक डॉ. ओ. पी. त्रिपाठी के निर्देशन में स्वप्निल गर्ग ने “सौर–अंतरग्रहीय चालकों के माध्यम से सौर चक्र 23, 24 और 25 के तीन चरम भू-चुंबकीय तूफानों का अध्ययन” विषय पर शोध प्रस्तुत किया। यह व्याख्यान अंतरिक्ष मौसम तथा सूर्य–पृथ्वी संबंधों की जटिल प्रक्रियाओं को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया। संगोष्ठी में इसरो के अध्यक्ष एवं अंतरिक्ष विभाग के सचिव डॉ. वी. नारायणन, पूर्व अध्यक्ष ए. एस. किरण कुमार, नेसेक के निदेशक डॉ. एस. पी. अग्रवाल, पी.आर.एल. के निदेशक प्रो. अनिल भारद्वाज, आई.आई.एस.टी. के निदेशक प्रो. डी. बनर्जी, डॉ. तीर्थ प्रतिम दास, डॉ. अजीत खेम्बावी और डॉ. प्रकाश चौहान सहित देश के अग्रणी वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष विज्ञान के नवीनतम आयामों पर विचार रखे। समस्त बेसिक साइंस संकाय ने उनकी उपलब्धि पर उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।