धरमजयगढ़ से लगे भवरखोल मार्ग पर उस समय हलचल मच गई, जब बीच सड़क पर एक दुर्लभ गिरगिट दिखाई दिया। अनजान भय और भ्रम के कारण कुछ ग्रामीण उसे मारने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन समय पर मिली समझाइश ने एक अनमोल जीव का जीवन बचा लिया। मौके पर मौजूद धरमजयगढ़ के दो मीडिया कर्मियों ने तत्परता और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए ग्रामीणों को समझाया कि गिरगिट किसी के लिए खतरा नहीं होता, बल्कि पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखने में इसकी अहम भूमिका होती है। उनकी बातों का असर हुआ और ग्रामीणों ने उसे नुकसान पहुंचाने का विचार त्याग दिया। इसके बाद दोनों पत्रकारों ने सावधानीपूर्वक गिरगिट को राहगीरों की मदद से पकड़कर वन विभाग के कार्यालय पहुंचाया, जहां उसे धरमजयगढ़ परिक्षेत्र के उप वन परिक्षेत्राधिकारी शेख अकरम परवेज को सौंप दिया गया। वन विभाग ने भी तत्परता दिखाते हुए हाथी मित्र दल के अजय यादव, जावेद और शिवा सोनी के सहयोग से इस दुर्लभ जीव को उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया। यह घटना समाज में जागरूकता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का एक सशक्त उदाहरण बनकर सामने आई है। यह संदेश देती है कि थोड़ी सी समझदारी और सही जानकारी से हम वन्यजीवों की रक्षा कर सकते हैं और प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रख सकते हैं।