CSR और रोजगार के नाम पर छलावा? जय अम्बे रोडलाइंस और SECL पर ग्रामीणों के गंभीर आरोप
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अनूपपुर। जिले के धनपुरी क्षेत्र अंतर्गत रामपुर और खड़ा गांव के ग्रामीणों ने जय अम्बे रोडलाइंस और SECL प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि CSR फंड और रोजगार के नाम पर गांवों के साथ बड़ा छलावा किया जा रहा है

अनूपपुर। जिले के धनपुरी क्षेत्र अंतर्गत रामपुर और खड़ा गांव के ग्रामीणों ने जय अम्बे रोडलाइंस और SECL प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि CSR फंड और रोजगार के नाम पर गांवों के साथ बड़ा छलावा किया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार SECL द्वारा CSR (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के तहत आसपास के गांवों के विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं और स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए हर वर्ष बड़ी राशि आवंटित की जाती है। लेकिन रामपुर और खड़ा गांव में इन योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जय अम्बे रोडलाइंस और SECL धनपुरी प्रबंधन की मिलीभगत से CSR के फंड का सही उपयोग नहीं किया गया। गांव में न तो स्वास्थ्य सुविधाओं का विकास हुआ और न ही स्थानीय युवाओं को रोजगार दिया गया, जबकि पहले ग्रामीणों से कई वादे किए गए थे।
ग्रामीणों का कहना है कि CSR बजट के तहत आने वाले करोड़ों रुपये के फंड का जमीनी स्तर पर कोई कार्य दिखाई नहीं देता, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि CSR फंड और रोजगार से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विकास के लिए आने वाला पैसा आखिर कहां खर्च किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपना
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