ए.के.एस. विश्वविद्यालय में वॉलीबॉल टूर्नामेंट 2025: स्पाइक्स, सर्विस और शानदार रैलियों से भरा रोमांचक फ़ाइनल
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ए.के.एस. विश्वविद्यालय के स्पोर्ट्स ग्राउंड पर आज हुए बॉयज़ वॉलीबॉल टूर्नामेंट 2025 के फ़ाइनल मुकाबले ने पूरे परिसर में रोमांच की मानो बिजली दौड़ा दी। माइनिंग इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की टीमों के बीच खेले गए इस निर्णायक मैच में हर सर्व पर सटीकता, हर ब्लॉक पर दमखम और हर रैली पर ज़बरदस्त जोश देखने को मिला।
मैच की शुरुआत में दोनों टीमों ने आक्रामक अंदाज़ के साथ कोर्ट पर उतरते हुए तेज़ सर्विस और धारदार स्मैश से विपक्ष को चकित किया। लेकिन निर्णायक क्षणों में बेहतर डिफ़ेंस, सटीक सेटिंग और निर्णायक स्पाइक के सहारे इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग ने मैच को अपने पक्ष में मोड़ते हुए विजेता ट्रॉफी पर कब्ज़ा किया। माइनिंग इंजीनियरिंग ने कई शानदार रिटर्न, डिग और मज़बूत ब्लॉक लगाकर दर्शकों की भरपूर तालियाँ जीतीं तथा रनर-अप बनकर सम्मान हासिल किया।
पूरे टूर्नामेंट में एग्रीकल्चर साइंस ने स्थिर तालमेल, संगठित रोटेशन और प्रभावी कोर्ट कवरेज से खेलते हुए फ़र्स्ट रनर-अप का खिताब अपने नाम किया।
उधर गर्ल्स वॉलीबॉल टूर्नामेंट 2025 भी उत्साह से भरपूर रहा। कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की खिलाड़ी मैदान पर कमाल की लॉब, सेट, स्पाइक और सर्विस ऐस का प्रदर्शन करते हुए विजेता बनीं। मैनेजमेंट विभाग ने संयमित खेल, तेज़ रिफ़्लेक्स और मजबूत रैलियों के दम पर रनर-अप स्थान हासिल किया, जबकि ह्यूमैनिटीज़ विभाग की टीम ने बेहतरीन टीमवर्क और सामरिक खेल से फ़र्स्ट रनर-अप का गौरव पाया।
समापन समारोह में विश्वविद्यालय के शीर्ष प्राध्यापकों— प्रो. बी. ए. चोफड़े (कुलपति), प्रो. हर्षवर्धन (प्रति कुलपति विकास), प्रो. सूर्यनाथ गहरवार, प्रो. जी. के. प्रधान, प्रो. आर. के. श्रीवास्तव—ने विजेता एवं उप-विजेता टीमों को ट्रॉफी और मेडल प्रदान किए। खिलाड़ियों के उम्दा प्रदर्शन की सराहना करते हुए सभी ने उनके खेल-भाव और टीमवर्क की प्रशंसा की।
इस वर्ष बेस्ट मेंटर अवार्ड का रोमांच भी विशेष रहा, जिसे उत्कृष्ट प्रशिक्षण, रणनीतिक मार्गदर्शन और खिलाड़ियों के विकास में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्री शीलेंद्र उपाध्याय और डॉ. रमा शुक्ला को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।
डॉ. वीरेन्द्र कुमार पाण्डेय, विश्वविद्यालय के क्रीड़ा अधिकारी श्री सुनील पाण्डेय, श्री बाबूलाल सिंह और सुरभि सिंह के सुविचारित समन्वय और अथक प्रयासों ने पूरे टूर्नामेंट को शानदार गति दी, जिससे एक-एक मुकाबला दर्शनीय और यादगार बन सका।
अंत तक उत्साह की लय थमी नहीं—हर रैली ने जोश बढ़ाया, हर स्मैश ने रोमांच पैदा किया और हर ब्लॉक ने दर्शकों की वाहवाही लूटी।
वॉलीबॉल टूर्नामेंट 2025 ने एक बार फिर साबित किया कि ए.के.एस. विश्वविद्यालय न केवल शिक्षा में अग्रणी है बल्कि खेल संस्कृति और खेल भावना को भी नई ऊँचाइयों तक ले जा रहा है।
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