धरमजयगढ़ – विकास खंड के ग्राम पुरुंगा, सम्हारसिंघा, तेन्दुमुड़ी, कोकदार सहित आसपास के अंचलों के ग्रामीणों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सामूहिक जागरूकता और जनसहभागिता से किसी भी बड़े निर्णय की दिशा बदली जा सकती है। उल्लेखनीय है कि अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड की प्रस्तावित पुरुंगा अंडरग्राउंड कोल माइंस परियोजना की 11 नवंबर को निर्धारित पर्यावरणीय जनसुनवाई को छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया है।
परियोजना के अंतर्गत 869.025 हेक्टेयर क्षेत्र में कोयला खनन का प्रस्ताव था, जिसकी उत्पादन क्षमता 2.25 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) रखी गई थी। जनसुनवाई पुरुंगा स्थित शासकीय हाई स्कूल के मैदान में आयोजित की जानी थी, किंतु अब कलेक्टर रायगढ़ के पत्र क्रमांक 1952/ज.सु./पर्यावरण/अ.क.ले./2025 दिनांक 10.11.2025 के अनुसार इसे स्थगित कर दिया गया है।
यह स्थगन केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि ग्रामीण एकता और शांतिपूर्ण जनसहमति की एक उल्लेखनीय मिसाल बन गया है। गांव-गांव में लगातार संवाद, विचार-विमर्श और जनजागरूकता की श्रृंखला ने इस पूरे अभियान को एक नई पहचान दी है।
आज पुरुंगा सहित आसपास के गाँवों का नाम जन शक्ति और संयमित प्रयास की प्रतीक कथा बन गया है—जहां लोगों ने अपने अधिकारों और पर्यावरणीय संतुलन के पक्ष में इतिहास लिख दिया।