बड़ी खबर – एक तरफ जहां मध्यप्रदेश की सरकार धार्मिक नगरी चित्रकूट का विकास अयोध्या की तर्ज पर करने की बात कर रही है तो वहीं चित्रकूट की सड़कें तालाब बन गई है, सीवर लाइन कंपनी के ठेकेदार द्वारा सड़कों में बनाए गए घटिया चेंबर इस तरह टूटे हैं कि पैदल चलने वाले राहगीर गड्ढों में कब गिरकर डूब जाएं, कब बड़ी घटना हो जाय, कुछ कहा नही जा सकता ? तालाब बन चुकी सड़क में आए दिनों ई रिक्सा पलट रहे हैं, तमाम यात्री घायल होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं, सड़कों में वाहन चलाना दूभर हो रहा है। लेकिन सड़कों के गड्ढों की मरम्मत करने के मामले में नगर परिषद का अमला निष्क्रिय बना हुआ है, चित्रकूट विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष सतना कलेक्टर सतीश कुमार एस का चित्रकूट दौरा भी कई बार हुआ और इसी तालाबनुमा सड़क से निकलकर वे वापस चले गए लेकिन कलेक्टर ने भी सड़कों की मरम्मत के प्रति कोई सक्रियता नही दिखाई। हालात ये हैं कि चित्रकूट आने वाले श्रद्धालु सड़कों के गड्ढों में गिरकर घायल होते हैं। चित्रकूट की सड़क में जान जोखिम में डालकर यात्री वाहन चला रहे हैं, जगह-जगह जाम लग रहा है और यात्री परेशान हो रहे हैं। फिर भी जिम्मेदार अधिकारी और जन प्रतिनिधि नदारद हैं।