डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 32 लाख की साइबर ठगी! जांजगीर पुलिस की इंदौर में बड़ी कार्रवाई, दो और आरोपी गिरफ्तार!
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जांजगीर-चांपा, 02 नवंबर 2026। साइबर अपराधियों द्वारा सीबीआई और पुलिस अधिकारी बनकर मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने तथा डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर बुजुर्ग से 32 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में जांजगीर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। थाना साइबर जांजगीर की टीम ने इस मामले में इंदौर (मध्यप्रदेश) से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले इसी मामले में पंजाब से एक आरोपी की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
24 घंटे से अधिक समय तक डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर की ठगी:
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी तुषारकर देवांगन निवासी जांजगीर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि साइबर ठगों ने पहले टेलीकॉम अथॉरिटी का अधिकारी बनकर फोन किया और बताया कि उनका मोबाइल नंबर मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में इस्तेमाल हुआ है तथा कोलाबा पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है।
इसके बाद कथित सीबीआई अधिकारियों ने फोन कर उन्हें डिजिटल अरेस्ट करने की धमकी दी। बुजुर्ग होने के कारण प्रार्थी आरोपियों की बातों से डर गए। ठगों ने पुलिस से सेटिंग कराने और मामले से बचाने का झांसा देकर 24 घंटे से अधिक समय तक उन्हें भयभीत रखा और अलग-अलग मोबाइल नंबरों से पुलिस, सीबीआई तथा टेलीकॉम अथॉरिटी के अधिकारी बनकर संपर्क करते रहे। इसी दौरान आरोपियों ने उनसे कुल 32 लाख रुपये की ठगी कर ली।
कुछ दिनों बाद सभी मोबाइल नंबर बंद हो जाने पर प्रार्थी को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले में अपराध क्रमांक 649/2025, धारा 318(4), 3(5) बीएनएस एवं 66डी आईटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
बैंक खातों की जांच से इंदौर तक पहुंची पुलिस:
विवेचना के दौरान पुलिस ने ठगी की रकम जिन बैंक खातों में ट्रांसफर हुई थी, उनकी जांच की। जांच में स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक के खाते में रकम जाना पाया गया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम गठित कर इंदौर रवाना की गई।
जहां से पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपियों ने अपराध स्वीकार करते हुए अपने मेमोरेंडम कथन में स्वयं के बैंक खातों में ठगी की रकम प्राप्त करना बताया।
गिरफ्तार आरोपी:
- सौम्य जैसवार, पिता राजेश, उम्र 21 वर्ष, निवासी प्रजापत नगर, इंदौर।
- देवराज अमकरे, पिता रघुवीर, उम्र 24 वर्ष, निवासी गुरु शंकर नगर, इंदौर।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल हैंडसेट, बैंक खाते से लिंक मोबाइल नंबर, आधार कार्ड एवं पैन कार्ड विधिवत गवाहों के समक्ष जब्त किए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
जांजगीर पुलिस की आम नागरिकों से अपील:
जांजगीर पुलिस ने लोगों को साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील करते हुए स्पष्ट किया है कि कानून की किताब में डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई प्रक्रिया नहीं है और न ही पुलिस किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट करती है।यदि कोई व्यक्ति मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग्स सप्लाई या अन्य किसी अपराध का डर दिखाकर स्वयं को सीबीआई, पुलिस, टेलीकॉम अथॉरिटी, एयरपोर्ट या नेवी का अधिकारी बताता है और गिरफ्तारी की धमकी देकर पैसे मांगता है, तो उसकी बातों में बिल्कुल न आएं। यह साइबर ठगी का जाल है। जागरूक रहें और साइबर अपराध से बचें।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका:
उक्त कार्रवाई में निरीक्षक भास्कर शर्मा, PSI रुकसाना बानो, प्रधान आरक्षक मनोज तिग्गा, HC विवेक सिंह एवं गिरीश कश्यप का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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