किताबी ज्ञान के साथ कानूनी समझ भी जरूरी, तभी अधिकारों की होगी सही पहचान : न्यायाधीश शिवानी सिंह! विश्व साक्षरता दिवस पर अकलतरा में विधिक जागरूकता शिविर, विद्यार्थियों को साइबर अपराध, बाल विवाह और मौलिक अधिकारों की दी गई जानकारी!
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जांजगीर-चांपा/अकलतरा, 08 सितंबर 2026। विश्व साक्षरता दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ उनके कानूनी अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अकलतरा में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर के निर्देशानुसार तालुका विधिक सेवा समिति अकलतरा द्वारा किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं अध्यक्ष, तालुका विधिक सेवा समिति अकलतरा श्रीमती शिवानी सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। बच्चों का कानूनी रूप से साक्षर होना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति अपने अधिकारों को जानता है, तभी वह अपने कर्तव्यों का सही ढंग से पालन कर सकता है और शोषण से भी बच सकता है।
शिक्षा का अधिकार और साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर: न्यायाधीश श्रीमती शिवानी सिंह ने बच्चों को शिक्षा के अधिकार की जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक बच्चे को नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपना ओटीपी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। यदि साइबर ठगी का शिकार हो जाएं तो बिना देर किए इसकी शिकायत करें।
उन्होंने शिविर में बाल विवाह, मोटर व्हीकल एक्ट, मौलिक अधिकार एवं मौलिक कर्तव्यों सहित विभिन्न कानूनी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे स्वयं जागरूक होने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी कानून के प्रति जागरूक करें।
गीत प्रस्तुति से हुई कार्यक्रम की शुरुआत: कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती शिशु मंदिर के प्राचार्य केशव कुमार कौशिक की सुंदर गीत प्रस्तुति के साथ हुआ। इसके बाद पीएलव्ही गजानंद प्रसाद कश्यप ने विश्व साक्षरता दिवस 2026 की थीम “मानव, ग्रह और समृद्धि के लिए साक्षरता” पर प्रकाश डालते हुए कहा कि साक्षरता केवल व्यक्तिगत सफलता का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज और सामूहिक समृद्धि से भी जुड़ी हुई है।
उन्होंने कहा कि जब लोग साक्षर और जागरूक होते हैं तो वे सामाजिक एवं वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझने और उनके समाधान में योगदान देने में सक्षम होते हैं। इस दौरान उन्होंने निःशुल्क कानूनी सहायता, नालसा हेल्पलाइन नंबर सहित विधिक सहायता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा कीं।
शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों की रही सहभागिता: विधिक जागरूकता शिविर में सरस्वती शिशु मंदिर के संचालक, पीएलव्ही डालेश्वर प्रसाद पटेल, शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को कानून की जानकारी हासिल करने और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया।
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