बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा में नवाचार जरूरी : कलेक्टर महोबे, कम्युनिकेशन स्किल, नैतिक शिक्षा और विषयों की व्यावहारिक समझ पर विशेष जोर — नवाचार करने वाले शिक्षक हुए सम्मानित
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जांजगीर-चांपा, 08 सितंबर 2026। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा पद्धति में निरंतर बदलाव और नवाचार जरूरी है। विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें विभिन्न विषयों में दक्ष बनाने के साथ-साथ उनके कम्युनिकेशन स्किल को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। यह बात कलेक्टर श्री महोबे ने शिक्षा के क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही।
कलेक्टर श्री महोबे ने कहा कि इकोनॉमी, जियोग्राफी एवं गणित जैसे विषयों को बच्चों के लिए रुचिकर और सरल बनाने के लिए शिक्षकों को प्रभावी एवं नवाचारी शिक्षण पद्धतियों का उपयोग करना चाहिए। बच्चों में विषयों की बेहतर समझ विकसित करने के लिए पाठ्यक्रम को व्यावहारिक गतिविधियों और रोचक उदाहरणों से जोड़ना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में नैतिक शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, संस्कारों, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना का विकास किया जाना बेहद जरूरी है। शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार और संस्कारवान नागरिक बनाना भी है।
शिक्षकों के नवाचारों की सराहना: कलेक्टर श्री महोबे ने शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों द्वारा किए जा रहे विभिन्न नवाचारों एवं उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के अभिनव प्रयास जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। साथ ही, ऐसे नवाचार अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेंगे।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए किए जा रहे अपने प्रयासों को साझा किया।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री अशोक सिन्हा सहित सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, प्राचार्यगण एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।
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