पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ धरमजयगढ़ का ऐतिहासिक दशहरा मेला
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भव्य आतिशबाजी के बीच हुआ विशाल रावण दहन; रातभर गूंजे लोकनाट्यों के संवाद

धरमजयगढ़ – पारंपरिक हर्षोल्लास और उत्साह के बीच धरमजयगढ़ का ऐतिहासिक दशहरा मेला भव्यता के साथ संपन्न हुआ। मेले में लाखों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी। भव्य आतिशबाजी के बीच विशाल रावण दहन का लोगों ने उत्साहपूर्वक आनंद लिया। वहीं, रातभर विभिन्न नाटक मंडलियों द्वारा प्रस्तुत लोकनाट्यों को देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ जुटी रही।

धरमजयगढ़ के दशहरा मेले की खास पहचान यहां की समृद्ध लोकनाट्य परंपरा है। विभिन्न गांवों और क्षेत्रों से पहुंचीं नाटक मंडलियों ने रामलीला सहित पौराणिक प्रसंगों और लोककथाओं पर आधारित नाटकों का जीवंत मंचन किया। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को पूरी रात बांधे रखा। ग्रामीण अंचलों से पहुंचे लोग रातभर जागकर इन पारंपरिक नाटकों का आनंद लेते रहे।

दुर्गोत्सव के 67वें वर्ष में आयोजित इस ऐतिहासिक मेले में स्थानीय दुकानों और मीना बाजार में भी लोगों की चहल-पहल बनी रही। धार्मिक आस्था, लोकसंस्कृति और पारंपरिक रंगमंच के अनूठे संगम ने आयोजन को यादगार बना दिया। धरमजयगढ़ का यह दशहरा उत्सव एक बार फिर क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और जनभागीदारी की जीवंत तस्वीर पेश कर गया।

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