September 2, 2026

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विकास के दावों पर सियासी घमासान, सांसद के बयान पर विधायक का पलटवार – “जनता के बीच हूं, काम जमीन पर दिखाई देते हैं”

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धरमजयगढ़ – रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया के हालिया बयान के बाद धरमजयगढ़ की राजनीति में विकास कार्यों को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। सांसद द्वारा विधायक लालजीत सिंह राठिया के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद विधायक ने सड़क, पुल, भवन और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए अपना पक्ष सामने रखा है। दोनों नेताओं के बयानों के बीच अब विकास कार्यों और जनता के मुद्दों को लेकर राजनीतिक बहस खुलकर सामने आ गई है।


सांसद राधेश्याम राठिया ने अपने बयान में कहा था कि तीन बार विधायक चुने जाने के बावजूद धरमजयगढ़ क्षेत्र में अपेक्षित विकास कार्य नजर नहीं आते। उन्होंने पेट्रोल पंप, मंदिर और तालाब जैसे कार्यों का उल्लेख करते हुए विधायक के विकास कार्यों पर अपनी राय रखी थी। सांसद ने अपने गृह क्षेत्र में सर्वसुविधायुक्त गांव के विकास को लेकर भी विधायक से जवाब मांगा था। साथ ही उनका कहना था कि भाजपा शासन में हुए कुछ कार्यों का श्रेय विधायक द्वारा लिया जा रहा है।
सांसद के इस बयान पर विधायक लालजीत सिंह राठिया ने विकास कार्यों का हवाला देते हुए पलटवार किया। विधायक ने कहा कि उनके कार्यकाल में विधायक मद से सड़कों, चौक-चौराहों पर मंचों और विभिन्न भवनों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा के लिए कई पुलों का निर्माण कराया गया है।
विधायक ने मालपानी, साजापाली, कुदमुरा, इमलीटिकरा, बरतापाली, कुडेकेला, बनहर, महाराजगंज, बोकरामुड़ा और डोंगाघाट सहित विभिन्न स्थानों पर हुए पुल निर्माण का उल्लेख किया। उनके अनुसार इन पुलों से ग्रामीण क्षेत्रों के आवागमन में सुविधा हुई और कई गांवों के बीच संपर्क बेहतर हुआ।
हाटी-धरमजयगढ़ सड़क को लेकर भी उठाया मुद्दा
विधायक ने हाटी से धरमजयगढ़ मार्ग का उदाहरण देते हुए कहा कि यह सड़क लंबे समय से क्षेत्र की महत्वपूर्ण आवश्यकता रही है। उनके अनुसार, 15 वर्षों तक भाजपा की सरकार रहने के बावजूद इस सिंगल लेन सड़क को डबल लेन में परिवर्तित नहीं किया जा सका। विधायक ने कहा कि इस सड़क का निर्माण कांग्रेस शासनकाल में हुआ था और अब इसके उन्नयन की आवश्यकता है।
उन्होंने मुनुन्द गांव की सड़क का भी उल्लेख किया। विधायक के अनुसार, जिस मुनुन्द गांव में मन की बात कार्यक्रम सुना गया, वहां लंबे समय तक मुख्य मार्ग से गांव तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि इस सड़क की स्वीकृति कांग्रेस शासनकाल में मिली थी। विधायक ने इसे क्षेत्र में विकास की गति और प्राथमिकताओं से जोड़ते हुए अपनी बात रखी।
जिस भवन में बैठक करते हैं, वह भी हमारे कार्यकाल का”
विधायक ने धरमजयगढ़ के राठिया भवन का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस भवन में सांसद बैठकें करते हैं, उसका निर्माण भी उनके कार्यकाल में कराया गया था। विधायक ने कहा कि विकास कार्यों का आकलन केवल बयानों से नहीं, बल्कि क्षेत्र में मौजूद कार्यों के आधार पर होना चाहिए।
विकास के साथ जनता के संघर्षों में खड़े रहने का दावा
विधायक ने अपनी भूमिका को केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं बताया। उन्होंने तमनार क्षेत्र से जुड़े जनसरोकार के मुद्दों, पेड़ कटाई, आदिवासी समुदाय से जुड़े मामलों तथा जिले में हुई तोड़फोड़ की कार्रवाइयों का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता जब भी अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर सामने आई, उन्होंने उसके साथ खड़े रहने का प्रयास किया।
पुरुंगा कोल ब्लॉक में प्रस्तावित जनसुनवाई के विरोध का उल्लेख करते हुए विधायक ने कहा कि पुरुंगा, तेंदुमुड़ी और साम्हरसिंघा क्षेत्र के ग्रामीण उस समय जनप्रतिनिधियों से समर्थन की अपेक्षा कर रहे थे। विधायक के अनुसार, वे जनता के साथ मौजूद रहे, जबकि सांसद वहां मौजूद नहीं रहे। उन्होंने सांसद को आड़े हाथों लेते हुये कहा कि आप जैसे मोदी जी के मन की बात सुन रहें हैं वैसे ही जनता की मन की बात सुन लेते, तो उन्हें जनता के बीच जाने में झिझक नहीं होती !
विधायक ने कहा कि “मैं जनता जनार्दन की सेवा में दिन-रात तत्पर हूं और उसी का प्रतिफल है कि क्षेत्र की जनता ने मुझे लगातार तीसरी बार सेवा करने का अवसर दिया है।” उन्होंने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं को विधानसभा में समय-समय पर उठाया गया और समाधान के लिए प्रयास किए गए।
विधायक ने सांसद से भी उनके संसदीय कार्यकाल के दौरान रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं को संसद में उठाने और उनके समाधान के लिए की गई पहल का विवरण सामने रखने की बात कही।
धरमजयगढ़ में सामने आए इन बयानों ने विकास बनाम विकास के दावे, कार्यों के श्रेय और जनहित के मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों की सक्रियता को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। सांसद ने जहां अपने नजरिए से विधायक के कार्यकाल का मूल्यांकन रखा है, वहीं विधायक ने सड़क, पुल, भवन और क्षेत्रीय जनसमस्याओं के मुद्दे सामने रखकर अपना पक्ष रखा है। अब इस सियासी बहस के बीच जनता के सामने दोनों पक्षों के दावों और क्षेत्र में हुए वास्तविक कार्यों का तुलनात्मक आकलन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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