August 31, 2026

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कदमसरा सरपंच पर अवैध रेत उत्खनन के गंभीर आरोप, रात के अंधेरे में रेत कारोबार का दावा

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राजनीतिक रसूख के सहारे कार्रवाई से बचने के आरोप, करोड़ों की संपत्ति को लेकर भी उठे सवाल ।।

अनूपपुर। जिले के जैतहरी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कदमसरा के सरपंच दिव्यांशु सिंह श्याम पर अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन से जुड़े गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में चर्चा है कि सरपंच और उनके बड़े भाई का नाम पूर्व में भी रेत चोरी से जुड़े मामलों में सामने आता रहा है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि सरपंच बनने के बाद भी कथित रेत कारोबार से उनका जुड़ाव खत्म नहीं हुआ है। ग्रामीणों का दावा है कि रात के अंधेरे में रेत से लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली का आवागमन जारी रहता है और क्षेत्र में उन्हें रेत कारोबारी के रूप में भी जाना जाता है।

चौकी स्तर पर कार्रवाई, फिर भी सवाल कायम

स्थानीय लोगों के अनुसार वेंकटनगर पुलिस चौकी द्वारा पूर्व में रेत से भरे ट्रैक्टरों को रोके जाने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं। आरोप है कि राजनीतिक संपर्कों और प्रभाव के चलते संबंधित वाहनों अथवा जिम्मेदार लोगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती। हालांकि पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक संरक्षण के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

राजनीतिक पहुंच का हवाला देकर बेखौफ कारोबार?

सरपंच के स्थानीय विधायक से कथित करीबी संबंधों का हवाला भी क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी राजनीतिक पहुंच के प्रभाव के चलते कथित रेत कारोबार बेखौफ तरीके से संचालित किया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि रेत का अवैध उत्खनन एवं परिवहन हो रहा है तो जिम्मेदार विभाग अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं कर सका?

करोड़ों की संपत्ति पर भी जांच की मांग

रेत कारोबार से कथित तौर पर अर्जित की गई करोड़ों रुपये की संपत्ति को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं की मांग है कि सरपंच की संपत्ति, आय के स्रोत और रेत कारोबार से संभावित संबंधों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि यदि अवैध रेत उत्खनन या परिवहन हुआ है तो उसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

अब निगाहें प्रशासन, खनिज विभाग और पुलिस की कार्रवाई पर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होने पर ही राजनीतिक प्रभाव और अवैध रेत कारोबार से जुड़े आरोपों की वास्तविकता सामने आ सकेगी।

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