August 30, 2026

Udghosh Samay News

खबर जहां हम वहां

चंद्रा ढाबे पर रोज लगता है जाम, जिम्मेदार अफसरों की चुप्पी पर सवाल

1 min read
Spread the love

SECL रामपुर-बटूरा ओपनकास्ट से जुड़े वाहनों की बेतरतीब पार्किंग से घंटों थमा यातायात, एम्बुलेंस भी फंसी ।।।

यशपाल जाट अनुपपुर 

अनूपपुर। SECL रामपुर-बटूरा ओपनकास्ट खदान में अटैच वाहनों की अनियंत्रित पार्किंग के चलते चंद्रा ढाबे के आसपास आए दिन यातायात व्यवस्था ध्वस्त होती नजर आ रही है। शनिवार को भी ट्रकों की बेतरतीब पार्किंग के कारण सड़क पर घंटों जाम लगा रहा। इस जाम में एक एम्बुलेंस सहित कई वाहन फंसे रहे। स्थिति इतनी बिगड़ी कि वाहन चालकों के बीच विवाद की नौबत तक आ गई।

तेज रफ्तार ट्रकों के सामने छोटे वाहन चालक मजबूर

खदान एवं साइडिंग के अप-डाउन में लगे कुछ ट्रकों के चालकों द्वारा तेज रफ्तार से वाहन चलाने और सामने से आने वाले वाहनों को पर्याप्त रास्ता नहीं देने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। ऐसे में छोटे वाहन चालकों को टक्कर से बचने के लिए सड़क से नीचे उतरना पड़ता है। सड़क के दोनों ओर बने बड़े-बड़े कीचड़युक्त गड्ढे दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं।

एम्बुलेंस फंसी तो व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

जाम में एम्बुलेंस के फंसने की घटना ने यातायात व्यवस्था की गंभीरता को उजागर कर दिया है। सवाल यह है कि यदि किसी गंभीर मरीज को लेकर जा रही एम्बुलेंस इसी तरह के जाम में फंस जाए तो उसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी?

यातायात प्रभारी विनोद दुबे और RTO प्रभारी सुरेंद्र सिंह गौतम की कार्यप्रणाली पर सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी कई बार यातायात प्रभारी विनोद दुबे एवं RTO प्रभारी सुरेंद्र सिंह गौतम को दी जा चुकी है, बावजूद इसके अनियमित पार्किंग और तेज रफ्तार भारी वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही है।

महीना बंधा होने’ के आरोपों की जांच की उठी मांग

स्थानीय लोगों द्वारा यातायात प्रभारी विनोद दुबे और RTO प्रभारी सुरेंद्र सिंह गौतम पर ट्रक संचालकों से कथित अवैध वसूली एवं ‘महीना बंधा होने’ जैसे गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि अधिकारियों को लगातार शिकायतें मिल रही हैं, तो खदान से जुड़े इन भारी वाहनों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?

लोगों का कहना है कि यदि अधिकारियों पर लगाए जा रहे कथित मासिक लेन-देन के आरोप निराधार हैं तो इसकी निष्पक्ष जांच कर स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि शिकायतों में तथ्य पाए जाते हैं तो जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई हो।

अब देखना यह है कि चंद्रा ढाबे के पास रोजाना बन रही जाम की स्थिति, एम्बुलेंस के फंसने और दुर्घटना के बढ़ते खतरे पर प्रशासन कब गंभीरता दिखाता है।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[join_button]
WhatsApp