August 24, 2026

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लाखों की लागत से बनी सड़कें बदहाल, गड्ढों में तब्दील हुआ विकास

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अनूपपुर। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक लोक निर्माण विभाग (PWD) की सड़कों की हालत लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। लाखों-करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गई सड़कों पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों और राहगीरों की परेशानी और बढ़ गई है।

जिला मुख्यालय की सड़क की बदहाली को लेकर सामने आई तस्वीरें यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि आखिर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सड़कों के रखरखाव की निगरानी किस स्तर पर की जा रही है। जब जिला मुख्यालय की प्रमुख सड़कें ही बारिश में जवाब देने लगें तो दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में बनी सड़कों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

PWD की सड़कों पर बढ़ी बदहाली

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले के कई हिस्सों में PWD की सड़कों पर मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति होती दिखाई दे रही है। सड़क निर्माण के कुछ समय बाद ही गड्ढे उभरने और सड़क की सतह उखड़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, निर्माण की गुणवत्ता और संबंधित एजेंसियों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

मुख्य कार्यपालन अभियंता

लोरिया के कार्यकाल में व्यवस्था पर सवाल

स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि PWD के मुख्य कार्यपालन अभियंता लोरिया के प्रभार संभालने के बाद जिले में विभाग की सड़कों की स्थिति में अपेक्षित सुधार के बजाय बदहाली और अधिक दिखाई दे रही है। हालांकि यह स्थानीय लोगों और क्षेत्रवासियों की ओर से उठाए जा रहे सवाल हैं, जिनकी वास्तविकता की जांच संबंधित विभाग और सक्षम अधिकारियों द्वारा की जानी चाहिए।

सवाल यह है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़कें टिकाऊ क्यों नहीं बन पा रही हैं? क्या निर्माण कार्यों की नियमित गुणवत्ता जांच होती है? क्या ठेकेदारों के कार्यों का भौतिक सत्यापन और समय पर निरीक्षण किया जाता है? और यदि सड़कें निर्माण के कुछ समय बाद ही खराब हो जाती हैं तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई क्यों नहीं होती?

बारिश ने खोली व्यवस्था की पोल

बारिश ने जिले की कई सड़कों की वास्तविक स्थिति सामने ला दी है। गड्ढों में पानी भरने से सड़क और गड्ढे के बीच अंतर करना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। जिला मुख्यालय आने-जाने वाले लोगों का कहना है कि प्रशासन को केवल नई सड़क बनाने पर ही नहीं, बल्कि पुरानी सड़कों के रखरखाव और निर्माण की गुणवत्ता पर भी गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

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