गौरव पथ से स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक , धरमजयगढ़ में इस बार काम की गुणवत्ता पर रहेगी नजर!
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धरमजयगढ़ – गौरव पथ, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और नेहरू गार्डन के कायाकल्प के लिए नगर पंचायत धरमजयगढ़ ने करीब 8 करोड़ 32 लाख रुपये की ई-निविदा जारी कर दी है। कागजों पर यह योजना नगर के विकास और सौंदर्यीकरण की दिशा में बड़ा कदम नजर आती है, लेकिन अब असली परीक्षा इन कार्यों के धरातल पर उतरने की है।

धरमजयगढ़ में इससे पहले भी नगर विकास के नाम पर करोड़ों रुपये की योजनाएं स्वीकृत होती रही हैं। सड़क, नाली, उद्यान, सौंदर्यीकरण और अन्य निर्माण कार्यों पर राशि खर्च होने के बावजूद नगर का अपेक्षित स्वरूप आज भी पूरी तरह नजर नहीं आता। ऐसे में नई परियोजनाओं के साथ पुरानी कार्यप्रणाली को लेकर भी नगरवासियों की निगाहें इस बार होने वाले निर्माण कार्यों पर रहेंगी।

4 करोड़ 15 लाख रुपये के गौरव पथ, 2 करोड़ 34 लाख रुपये के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और 1 करोड़ 83 लाख 45 हजार रुपये के नेहरू गार्डन विकास कार्य पर बड़ी राशि खर्च होने जा रही है। जाहिर है, इतनी बड़ी सार्वजनिक राशि खर्च होने के बाद नगरवासियों को केवल शिलान्यास, निर्माण और उद्घाटन नहीं, बल्कि लंबे समय तक टिकने वाला गुणवत्तापूर्ण विकास चाहिए।

सबसे महत्वपूर्ण बात निर्माण की गुणवत्ता होगी। इस्तेमाल होने वाली निर्माण सामग्री, कार्य की मजबूती, तकनीकी मापदंड, निर्माण की वास्तविक प्रगति और भुगतान प्रक्रिया की निगरानी कितनी गंभीरता से होती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। निर्धारित 12 माह की समय-सीमा में कार्य पूरे होते हैं या निर्माण अवधि आगे बढ़ती है, इस पर भी नजर रहेगी।

करोड़ों रुपये के इन कार्यों में पारदर्शिता भी बेहद महत्वपूर्ण होगी। निविदा से लेकर कार्यादेश, निर्माण, माप पुस्तिका, गुणवत्ता परीक्षण और भुगतान तक प्रत्येक चरण की निगरानी मजबूत रही तो सरकारी धन का वास्तविक लाभ जनता तक पहुंच सकता है। वहीं निगरानी कमजोर हुई तो बड़ी राशि खर्च होने के बाद भी अपेक्षित परिणाम हासिल करना मुश्किल होगा।

नगरवासियों की सबसे बड़ी अपेक्षा यही है कि विकास की राशि विकास कार्यों में ही दिखाई दे। किसी भी स्तर पर अनावश्यक खर्च, वित्तीय अनियमितता या मिलीभगत की गुंजाइश न रहे और जिम्मेदार अधिकारी निर्माण की गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार का समझौता न करें। हालांकि बिना प्रमाण किसी अधिकारी, जनप्रतिनिधि या ठेकेदार पर आरोप लगाना उचित नहीं है, लेकिन सार्वजनिक धन से होने वाले करोड़ों रुपये के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है !
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अब धरमजयगढ़ में इन तीन बड़ी परियोजनाओं के जरिए विकास की नई तस्वीर सामने आने की उम्मीद है। बजट बड़ा है, योजनाएं बड़ी हैं और जनता की अपेक्षाएं भी बड़ी हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह राशि धरमजयगढ़ की सूरत वास्तव में बदलती है या फिर करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी नगरवासियों को वही पुरानी समस्याएं घेरे रहती हैं।

विशेष सहयोग – शेख आलम एवं टीम

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