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June 26, 2026

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नैक प्रत्यायित एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से मान्यता प्राप्त एकेएस विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं का प्रथम श्रेणी के स्कोपस-सूचीबद्ध अंतरराष्ट्रीय शोध-पत्रिका में शोध प्रकाशित

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सतना। नैक प्रत्यायित एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से मान्यता प्राप्त एकेएस विश्वविद्यालय, सतना ने वैश्विक अनुसंधान जगत में एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि अर्जित करते हुए अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का सशक्त परिचय दिया है। विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं का शोधपत्र विश्वविख्यात अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक प्रकाशन संस्था एमडीपीआई, स्विट्ज़रलैंड की प्रथम श्रेणी (क्यू–1) की स्कोपस-सूचीबद्ध अंतरराष्ट्रीय शोध-पत्रिका पर्यटन एवं आतिथ्य में प्रकाशित हुआ है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की उत्कृष्ट अनुसंधान संस्कृति, ज्ञान-सृजन की प्रतिबद्धता तथा वैश्विक शैक्षणिक समुदाय में निरंतर सुदृढ़ होती प्रतिष्ठा का प्रमाण है।


“क्या पर्यटक वास्तव में सतत विकास की अवधारणा को महत्व देते हैं? होटल चयन व्यवहार पर पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्थाओं का प्रभाव” विषयक इस शोध में पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र में सतत विकास आधारित प्रबंधन प्रणालियों तथा पर्यावरण-अनुकूल उपायों का पर्यटकों के निर्णयात्मक व्यवहार पर पड़ने वाले प्रभाव का वैज्ञानिक एवं अनुभवजन्य विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। अध्ययन के निष्कर्ष पर्यटन उद्योग में सतत विकास की नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु महत्वपूर्ण शैक्षणिक आधार प्रदान करते हैं तथा नीति-निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों और शोध समुदाय के लिए उपयोगी संदर्भ सिद्ध होंगे।
इस उच्चस्तरीय शोधकार्य के लेखक डॉ. चंदन सिंह, डॉ. ज़ाकिर होसेन शेख, डॉ. बिभू प्रसाद साहू, श्री नितिन मिश्रा, श्री आकाश गुप्ता, श्री मोहित आनंद श्रीवास्तव तथा श्री अंकित कुमार गर्ग हैं। इस शोध में एकेएस विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के विद्वानों के साथ समन्वित अनुसंधान करते हुए बहुआयामी शोध-दृष्टि का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
यह शोध वर्ष 2026 में पर्यटन एवं आतिथ्य शोध-पत्रिका के खंड–7, अंक–6 में प्रकाशित हुआ है। प्रथम श्रेणी (क्यू–1) की स्कोपस-सूचीबद्ध अंतरराष्ट्रीय शोध-पत्रिका में शोध प्रकाशित होना किसी भी विश्वविद्यालय की अनुसंधान गुणवत्ता, वैज्ञानिक विश्वसनीयता, वैश्विक स्वीकार्यता तथा शैक्षणिक प्रभावशीलता का सर्वोच्च मानदंड माना जाता है। यह उपलब्धि एकेएस विश्वविद्यालय की अनुसंधान उत्कृष्टता को अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में नई ऊँचाइयों पर स्थापित करती है तथा वैश्विक ज्ञान-सृजन में उसकी सशक्त भागीदारी को रेखांकित करती है।
विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर इंजी. अनंत कुमार सोनी ने इस उपलब्धि को विश्वविद्यालय की दूरदर्शी अनुसंधान नीति एवं नवाचारोन्मुख शैक्षणिक वातावरण का प्रतिफल बताते हुए कहा कि एकेएस विश्वविद्यालय का उद्देश्य वैश्विक मानकों के अनुरूप ज्ञान-सृजन, उत्कृष्ट अनुसंधान तथा समाजोपयोगी नवाचार को निरंतर प्रोत्साहित करना है। कुलपति प्रो. बी. ए. चोपड़े ने इसे विश्वविद्यालय की अनुसंधान परंपरा को और अधिक सुदृढ़ करने वाली उपलब्धि बताते हुए सभी शोधकर्ताओं को शुभकामनाएँ दीं। आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. जी. सी. मिश्रा सहित विश्वविद्यालय परिवार ने सभी शोधकर्ताओं को हार्दिक बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि एकेएस विश्वविद्यालय भविष्य में भी उच्च प्रभाव वाले अंतरराष्ट्रीय शोध प्रकाशनों के माध्यम से भारतीय उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाता रहेगा।

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