June 2, 2026

Udghosh Samay News

खबर जहां हम वहां

दुर्गापुर- सरिया कोल ब्लॉक को मिली बड़ी प्रशासनिक राहत, अंतिम मंजूरी की दहलीज पर पहुंचा वन भूमि हस्तांतरण प्रस्ताव !

1 min read
Spread the love


धरमजयगढ़ – रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल अंतर्गत प्रस्तावित दुर्गापुर- सरिया कोल ब्लॉक से जुड़ा वन भूमि हस्तांतरण प्रस्ताव अब अंतिम स्वीकृति की दिशा में तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार कुल 290.399 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण संबंधी प्रस्ताव को विभागीय स्तर पर अनुशंसित कर दिया गया है। इसे परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
दस्तावेजों के अनुसार प्रस्तावित कोल ब्लॉक का कुल क्षेत्रफल 540.750 हेक्टेयर है, जिसमें 290.399 हेक्टेयर वन भूमि और 250.351 हेक्टेयर गैर-वन भूमि शामिल है। यह कोल ब्लॉक छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित गोधन ताप विद्युत परियोजना की कोयला आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आवंटित किया गया है।
परियोजना से जुड़े अभिलेख बताते हैं कि विभागीय परीक्षण के दौरान प्रस्तुत मानचित्र, भू-अभिलेख तथा प्रतिपूरक वनीकरण संबंधी प्रस्तावों को स्वीकार्य पाया गया। जांच में यह भी दर्ज किया गया कि प्रस्तावित क्षेत्र किसी संरक्षित वन्यजीव क्षेत्र अथवा पारिस्थितिक संवेदनशील क्षेत्र की सीमा के भीतर नहीं आता। साथ ही किसी न्यायालयीन विवाद, उल्लंघन अथवा लंबित आपत्ति का भी उल्लेख नहीं है। पर्यावरणीय जांच संबंधी बिंदुओं पर भी कोई अतिरिक्त आपत्ति लंबित नहीं पाई गई।
इन परिस्थितियों में विभागीय अनुशंसा को परियोजना के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि किसी भी वन भूमि हस्तांतरण प्रस्ताव के लिए विभागीय अनुशंसा एक महत्वपूर्ण पड़ाव होती है, जो यह दर्शाती है कि प्रस्ताव प्रारंभिक और तकनीकी परीक्षणों की कसौटी पर खरा उतरा है। यदि आगामी स्तरों पर कोई नई बाधा उत्पन्न नहीं होती, तो प्रस्ताव के अंतिम अनुमोदन की संभावना मजबूत मानी जा रही है।
हालांकि परियोजना की प्रगति के साथ-साथ क्षेत्र में विरोध के स्वर भी सुनाई देने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार प्रभावित गांवों के अनेक ग्रामीण संभावित विस्थापन, पुनर्वास, मुआवजा, रोजगार और बड़े पैमाने पर होने वाली वृक्ष कटाई को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों का मानना है कि किसी भी विकास परियोजना में स्थानीय लोगों के अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
क्षेत्र में चर्चा है कि यदि परियोजना को अंतिम मंजूरी मिलती है तो प्रभावित परिवारों पर इसके दूरगामी सामाजिक और आर्थिक प्रभाव पड़ सकते हैं। यही कारण है कि ग्रामीणों का एक वर्ग परियोजना से जुड़ी शर्तों, मुआवजा नीति और पुनर्वास व्यवस्था को सार्वजनिक किए जाने की मांग कर रहा है। सूत्रों का दावा है कि इन मुद्दों पर संतोषजनक समाधान नहीं होने की स्थिति में भविष्य में विरोध और आंदोलन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
दुर्गापुर- सरिया कोल ब्लॉक का यह प्रस्ताव फिलहाल ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां एक ओर अंतिम स्वीकृति की संभावनाएं पहले से अधिक प्रबल दिखाई दे रही हैं, वहीं दूसरी ओर विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती भी सामने है। अब सबकी निगाहें आगामी प्रशासनिक निर्णयों पर टिकी हैं, जो न केवल परियोजना का भविष्य तय करेंगे बल्कि प्रभावित ग्रामीणों के जीवन पर भी गहरा असर डालेंगे।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[join_button]
WhatsApp