सुशासन त्यौहार बना औपचारिकता, समस्याएँ जस की तस—पार्षद डॉ. अख्तरी खुर्शीद खान का आरोप”
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धरमजयगढ़ – नगर पंचायत धरमजयगढ़ में आयोजित सुशासन महोत्सव को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। वार्ड क्रमांक 4 की पार्षद डॉ अख्तरी खुर्शीद खान ने आरोप लगाया है कि पिछले वर्ष दिए गए आवेदन केवल कागज़ों तक ही सीमित रह गए हैं, जबकि जमीनी स्तर पर समस्याएँ अब भी जस की तस बनी हुई हैं।
पार्षद डॉ. अख्तरी खुर्शीद खान ने कहा कि वर्ष 2024-25 के सुशासन महोत्सव में वार्ड विकास, सड़क, नाली, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए कई आवेदन प्रस्तुत किए गए थे। प्रशासन द्वारा इन समस्याओं का कागज़ी निराकरण तो कर दिया गया, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी धरातल पर कोई ठोस सुधार नहीं दिख रहा है।
उन्होंने कहा कि वार्डों की सड़कों और नालियों की स्थिति आज भी जर्जर बनी हुई है। बिजली और पेयजल की समस्या से लोग लगातार जूझ रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले वर्ष जो अधिकारी नगर पंचायत में पदस्थ थे, वे आज भी वहीं कार्यरत हैं और समस्याओं से भली-भांति परिचित हैं, इसके बावजूद स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।
पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2024-25 की समस्याएँ ही वर्ष 2025-26 में भी दोहराई जा रही हैं, जिससे यह प्रतीत होता है कि सुशासन महोत्सव महज एक औपचारिकता बनकर रह गया है। तेज गर्मी और भीड़भाड़ के बीच आयोजित शिविरों में आम नागरिकों को केवल परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जबकि उनकी समस्याओं का समाधान केवल कागज़ों में दिखाकर इतिश्री कर ली जाती है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समस्याओं का वास्तविक समाधान नहीं किया गया, तो ऐसे आयोजनों की सार्थकता पर प्रश्नचिह्न खड़ा होना स्वाभाविक है।
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