सतना। ए.के.एस. विश्वविद्यालय, सतना के रसायन शास्त्र विभाग के शोधार्थी श्री मृत्युंजय शुक्ला को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएच.डी.) की उपाधि प्रदान की गई है। उन्होंने अपना शोध कार्य डॉ. शैलेन्द्र यादव के कुशल मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
श्री शुक्ला का शोध विषय “अम्लीय माध्यम में संक्षारण अवरोधकों के रूप में दवाओं का उपयोग करके माइल्ड स्टील का संक्षारण अवरोधन” रहा। इस शोध में अम्लीय माध्यम में माइल्ड स्टील के क्षरण (कोरोशन) को रोकने के लिए विभिन्न औषधीय यौगिकों के उपयोग का विस्तृत अध्ययन किया गया है। शोध निष्कर्षों में पाया गया कि कुछ दवाएं धातु की सतह पर सुरक्षात्मक परत बनाकर क्षरण की प्रक्रिया को प्रभावी रूप से कम करती हैं।
इससे औद्योगिक क्षेत्रों में धातु संरक्षण के लिए किफायती और प्रभावी विकल्प विकसित होने की संभावनाएं बढ़ी हैं।यह शोध कार्य रसायन विज्ञान विषय के अंतर्गत संपन्न हुआ, जो पर्यावरण संरक्षण तथा औद्योगिक उपयोग की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।उक्त शोध कार्य का वाइवा 2 अप्रैल 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसके उपरांत विश्वविद्यालय द्वारा उन्हें पीएच.डी. की उपाधि प्रदान की गई।इस उपलब्धि पर बेसिक साइंस संकाय के अधिष्ठाता डॉ. शैलेन्द्र यादव एवं रसायन शास्त्र विभाग के समस्त प्राध्यापकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए श्री शुक्ला को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।