धरमजयगढ़ सिविल अस्पताल की लापरवाही पर कार्रवाई: जनरल महिला वार्ड में पड़ा मिला शव, डॉक्टर और सफाईकर्मी को नोटिसभाजपा नेताओं की पहल का असर, 24 घंटे में मांगा गया जवाब
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धरमजयगढ़ – धरमजयगढ़ सिविल अस्पताल में उपचार के दौरान महिला मरीज की मृत्यु के बाद शव को नियमानुसार शवगृह में स्थानांतरित नहीं किए जाने का मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। मृत महिला का शव काफी समय तक जनरल महिला वार्ड में ही अन्य भर्ती मरीजों के बीच रखे रहने की पुष्टि होने के बाद संबंधित चिकित्सक और सफाईकर्मी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

मामला सामने आने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल की व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल अस्पताल प्रबंधन को इसकी सूचना दी। भाजपा नेताओं भोगेश्वर बेहरा, पार्षद जानू सिदार और एल्डरमैन नीरज अग्रवाल सहित अन्य लोगों ने अस्पताल प्रबंधन के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया और मामले में जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की मांग की।

जनप्रतिनिधियों की शिकायत के बाद प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, सिविल अस्पताल धरमजयगढ़ ने महिला वार्ड का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान महिला मरीज का शव जनरल महिला वार्ड में ही रखा मिला। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी।
डॉक्टर और सफाईकर्मी से 24 घंटे में मांगा जवाब
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी द्वारा चिकित्सा अधिकारी (अनु.) डॉ. कुशाल सिंह को पत्र क्रमांक 297, दिनांक 22 अगस्त 2026 के माध्यम से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में मरीज की मृत्यु के बाद शव को शवगृह में स्थानांतरित नहीं कराने तथा कार्य में उदासीनता बरतने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
वहीं सफाईकर्मी रामानंद सारथी को पत्र क्रमांक 299, दिनांक 22 अगस्त 2026 के माध्यम से शासकीय कार्य को गंभीरता से नहीं लेने के संबंध में जवाब तलब किया गया है। उनसे यह भी पूछा गया है कि क्यों न उन्हें सेवा से पृथक करने के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा जाए।
दोनों कर्मचारियों को नोटिस प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर लिखित एवं संतोषजनक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। समय सीमा में जवाब नहीं देने अथवा जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
मामला सीएमएचओ तक पहुंचा
अस्पताल प्रशासन ने पूरे मामले की जानकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), रायगढ़ को भी भेज दी है। ऐसे में अब संबंधित कर्मचारियों के जवाब और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।
सवाल उठे तो प्रशासन ने दिखाई तत्परता
इस पूरे घटनाक्रम में एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि अस्पताल में शव के वार्ड में पड़े रहने की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया। भाजपा नेताओं द्वारा अस्पताल प्रबंधन के समक्ष विरोध दर्ज कराने और कार्रवाई की मांग के बाद संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया।
हालांकि कारण बताओ नोटिस कार्रवाई की शुरुआत है, अंतिम जिम्मेदारी जवाब और जांच के बाद ही तय होगी। अब देखना होगा कि संबंधित कर्मचारियों के स्पष्टीकरण में क्या सामने आता है और अस्पताल प्रशासन इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि जनरल महिला वार्ड में शव रखे रहने जैसी गंभीर लापरवाही को अस्पताल प्रशासन ने नजरअंदाज नहीं किया और मामले में जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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