तकनीकी शिक्षा की राह पर बढ़े डिप्लोमा के नवप्रवेशी, विश्वविद्यालयी जीवन की दी जानकारी
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सतना, 19 अगस्त। ए.के.एस. विश्वविद्यालय, सतना में डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए आयोजित दीक्षारम्भ सत्र-2026-27 के पहले दिन तकनीकी शिक्षा, विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली और विद्यार्थी सहायता सेवाओं से परिचित कराया गया। फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के अंतर्गत माइनिंग, सिविल, सीमेंट, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, कंप्यूटर तथा माइन एंड माइन सर्वेइंग (एमएमएस) डिप्लोमा के विद्यार्थियों ने इसमें भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत पंजीयन एवं स्वागत से हुई। इसके बाद सरस्वती वंदना और अतिथियों के स्वागत के साथ विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय परिसर की सुविधाओं और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी गई। फैकल्टी डीन डॉ. जी.के. प्रधान ने कैंपस एवं सुविधाओं से अवगत कराया।
विश्वविद्यालय प्रशासन और अकादमिक व्यवस्था की जानकारी

प्रो. आर.के. श्रीवास्तव, एडमिनिस्ट्रेटर, एफईएंडटी ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। डॉ. एस.के. मिश्रा, डीन एकेडमिक एवं सीओई ने अकादमिक व्यवस्था और परीक्षा संबंधी महत्वपूर्ण पहलुओं से विद्यार्थियों को परिचित कराया। प्रो. एम.के. तिवारी, डीएसडब्ल्यू ने विद्यार्थी सहायता सेवाओं की जानकारी साझा की।

आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच पर जोर
दीक्षारम्भ सत्र में प्रो. हर्षवर्धन श्रीवास्तव, प्रो वाइस चांसलर डेवलपमेंट ने विश्वविद्यालय अभिमुखीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद श्री के.के. पायसी, मेंटल हेल्थ, स्पिरिचुअल एवं मेडिटेशन विशेषज्ञ ने विद्यार्थियों को मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच और ध्यान के महत्व से परिचित कराया। कुलपति ने विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं

कार्यक्रम में प्रो. आर.एस. त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को आशीर्वचन प्रदान किए। इसके बाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.ए. चोपड़े ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उनके उज्ज्वल शैक्षणिक भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं।
सांस्कृतिक गतिविधियों का संचालन डॉ. दीपक मिश्रा एवं उनकी टीम ने किया। अंत में डॉ. श्रीहर पांडेय, हेड मैकेनिकल ने आभार व्यक्त किया। आयोजन एसआईपी-2026 आयोजन समिति के संयोजन में संपन्न हुआ।

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