सामरसिंघा कोल ब्लॉक में कोयला अन्वेषण की तैयारी, अब वन विभाग ने मांगी डीजीपीएस रिपोर्ट की जानकारी
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धरमजयगढ़ – धरमजयगढ़ क्षेत्र के सामरसिंघा कोल ब्लॉक में प्रस्तावित कोयला अन्वेषण (एक्सप्लोरेशन) की प्रक्रिया एक नए चरण में पहुंच गई है। परियोजना से जुड़े दस्तावेज़ों के अनुसार 34 स्थानों पर लगभग 480 मीटर गहराई तक बोरहोल ड्रिलिंग कर कोयला भंडार का वैज्ञानिक आकलन किया जाना प्रस्तावित है। इसी बीच वन मंडल अधिकारी, धरमजयगढ़ ने परियोजना के डी जी पी एस रिपोर्ट जानकारी तलब की है।
उपलब्ध दस्तावेज़ों के अनुसार सामरसिंघा कोल ब्लॉक का कुल क्षेत्रफल 1605.0459 हेक्टेयर है, जिसमें लगभग 580.8941 हेक्टेयर वन भूमि शामिल है। परियोजना प्रस्ताव में अन्वेषण के लिए केवल 3.4 हेक्टेयर वन भूमि के अस्थायी उपयोग का उल्लेख है। दावा किया गया है कि ड्रिलिंग के बाद भूमि को पूर्व स्थिति में बहाल कर दिया जाएगा और किसी प्रकार का स्थायी भूमि परिवर्तन नहीं होगा।
परियोजना के तहत 34 बोरहोल किए जाने हैं, जिनकी औसत गहराई लगभग 480 मीटर होगी। दस्तावेज़ों में यह भी उल्लेख है कि इस चरण में नई सड़क, पिटिंग या ट्रेंचिंग का प्रस्ताव नहीं है तथा केवल वैज्ञानिक अध्ययन के लिए कोयला एवं चट्टानों के नमूने एकत्र किए जाएंगे।
इस बीच वन मंडल अधिकारी द्वारा डीजीपीएस रिपोर्ट की जानकारी मांगे जाने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डीजीपीएस के माध्यम से प्रस्तावित बोरहोल स्थलों और वन भूमि की वास्तविक भौगोलिक स्थिति तथा सीमाओं का अत्यंत सटीक निर्धारण किया जाता है। इससे यह सुनिश्चित करने में सहायता मिलती है कि प्रस्तावित गतिविधियां स्वीकृत क्षेत्र के भीतर ही हों और वन क्षेत्र की सीमा स्पष्ट रूप से चिन्हित रहे।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित एजेंसी वन विभाग को डीजीपीएस रिपोर्ट कब उपलब्ध कराती है और उसके आधार पर विभाग आगे क्या निर्णय लेता है। इसके बाद ही परियोजना की वैधानिक प्रक्रिया के अगले चरणों में प्रगति होने की संभावना है।
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