समाज सेवा की मिसाल बन रहीं शिवाय सेवा समिति युवाओं को मिल रहा है मंच।
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सतना। सेवा, संवेदना और मानवता की भावना जब किसी व्यक्ति के जीवन का उद्देश्य बन जाती है, तब समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नई मिसालें स्थापित होती हैं। ऐसी ही प्रेरणादायी पहल शिवाय सेवा समिति द्वारा लगातार की जा रही है। समिति के संचालक शीलेंद्र उपाध्याय ने जानकारी देते हुए बताया कि उनका संगठन लंबे समय से समाज सेवा, जरूरतमंदों की सहायता और पशु सेवा जैसे कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने बताया कि रामनगर मझगवां निवासी कोमल पटेल, पिता राकेश पटेल, समिति के साथ जुड़कर निस्वार्थ भाव से समाज सेवा के कार्य कर रही हैं। कोमल पटेल नियमित रूप से मंदिरों एवं सार्वजनिक स्थलों पर गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को भोजन वितरित करती हैं। उनका मानना है कि भूखे व्यक्ति को भोजन कराना सबसे बड़ा पुण्य कार्य है और इसी भावना के साथ वे निरंतर जरूरतमंदों की मदद में लगी रहती हैं।
मानव सेवा के साथ-साथ कोमल पटेल पशु सेवा के क्षेत्र में भी सराहनीय कार्य कर रही हैं। सड़क पर घायल अथवा बीमार पशुओं की देखभाल करना, उनके उपचार की व्यवस्था करना तथा उन्हें सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने जैसे कार्य वे पूरी संवेदनशीलता के साथ करती हैं। उनके इस सेवाभाव को क्षेत्र के लोग भी सराहना की दृष्टि से देख रहे हैं।

समिति के संचालक शीलेंद्र उपाध्याय ने कहा कि आज के समय में समाज को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है, जो बिना किसी स्वार्थ के सेवा कार्यों में भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि शिवाय सेवा समिति का उद्देश्य केवल सहायता पहुंचाना ही नहीं, बल्कि समाज में करुणा, सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करना भी है।

उन्होंने बताया कि समिति भविष्य में भी गरीबों की सहायता, भोजन वितरण, पर्यावरण संरक्षण और पशु सेवा जैसे विभिन्न सामाजिक कार्यों को और व्यापक स्तर पर संचालित करेगी।
उल्लेखनीय है कि शीलेंद्र उपाध्याय ए के एस विश्वविद्यालय में फैकल्टी के रूप में कार्यरत हैं और शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में भी सक्रिय योगदान दे रहे हैं।

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