सतना। एकेएस विश्वविद्यालय के रसायन शास्त्र विभाग के सह प्राध्यापक श्री कान्हा सिंह तिवारी को दर्शनशास्त्र के विद्या-वाचस्पति (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की गई है।
उनका शोध कार्य “नए एजोल आधारित यौगिकों का संश्लेषण एवं धात्विक क्षरण अवरोधक के रूप में उनका अनुप्रयोग” विषय पर आधारित है।इस शोध में एजोल संरचना वाले नवीन कार्बनिक यौगिकों का निर्माण किया गया तथा उनके धात्विक क्षरण को रोकने की क्षमता का परीक्षण किया गया। अध्ययन के अंतर्गत धातुओं में होने वाली विद्युत-रासायनिक क्षरण प्रक्रिया को नियंत्रित करने हेतु इन यौगिकों की प्रभावशीलता का विश्लेषण किया गया, जो उद्योग एवं अभियंत्रण क्षेत्रों में उपयोगी सिद्ध हो सकता है।यह शोध कार्य डॉ. शैलेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। शोध के निष्कर्ष धात्विक संरचनाओं की आयु वृद्धि तथा रखरखाव व्यय में कमी लाने में सहायक हो सकते हैं।इस अवसर पर मूल विज्ञान संकाय एवं विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने श्री तिवारी को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।