संगीतीय श्रीमद्भागवत सप्ताह कथा का भव्य समापन, विशाल भंडारे में उमड़ा जनसैलाब
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प्रथम दिवस की कलश यात्रा से लेकर सप्ताहांत भंडारे तक भक्तिमय रहा वातावरण
श्री गुलाब शुक्ला के मार्गदर्शन एवं ग्रामवासियों के सहयोग से सफल हुआ आयोजन

सतना। हनुमान चौक, कारीगोही में आयोजित संगीतमयी श्रीमद्भागवत सप्ताह कथा श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हो गई। सप्ताह भर चले इस भव्य धार्मिक आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। ग्रामवासियों के सहयोग एवं कार्यक्रम के संरक्षक समाजसेवी श्री गुलाब शुक्ला के मार्गदर्शन में यह आयोजन सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

प्रथम दिवस: 108 कलशों की भव्य शोभायात्रा से हुआ शुभारंभ
सप्ताह कथा का शुभारंभ प्रथम दिवस 108 कलशों की भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ। मातृशक्ति ने सिर पर कलश धारण कर पूरे गांव में शोभायात्रा निकाली। जय श्रीकृष्ण, हरि नाम संकीर्तन एवं भक्ति गीतों से वातावरण गूंज उठा। पूरे गांव में उत्साह और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।

द्वितीय से पंचम दिवस: कथा प्रसंगों की अमृत वर्षा
दूसरे से पांचवें दिवस तक कथा व्यास द्वारा श्रीमद्भागवत महापुराण के विविध प्रसंगों का रसपूर्ण वर्णन किया गया। ध्रुव चरित्र, प्रह्लाद चरित्र, गोवर्धन लीला, वामन अवतार सहित अनेक दिव्य प्रसंगों का श्रवण कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। प्रतिदिन संगीतमयी भजन-कीर्तन से कथा पंडाल भक्तिरस में डूबा रहा।

षष्ठ दिवस: रुक्मिणी विवाह एवं शिव-पार्वती विवाह की दिव्य झांकी
षष्ठ दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की भव्य झांकी एवं बारात का आकर्षक आयोजन किया गया। भक्तों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शिव-पार्वती विवाह का दिव्य मंचन भी श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। पूरा पंडाल “हर-हर महादेव” और “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गूंज उठा।

सप्तम दिवस: सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष एवं पूर्णाहुति
समापन दिवस पर सुदामा चरित्र एवं राजा परीक्षित मोक्ष का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया गया। सुदामा चरित्र ने सच्ची मित्रता, समर्पण और निष्काम भक्ति का संदेश दिया, वहीं परीक्षित मोक्ष प्रसंग ने जीवन की नश्वरता एवं भगवान भक्ति के महत्व को स्पष्ट किया। हवन-पूजन एवं पूर्णाहुति के साथ कथा का विधिवत समापन हुआ।

6 बुजुर्गों, व्यासजी एवं समिति सदस्यों का सम्मान
समापन अवसर पर कार्यक्रम के संरक्षक समाजसेवी श्री गुलाब शुक्ला द्वारा ग्राम कारीगोही के 6 आदरणीय बुजुर्गों को श्रीफल एवं शाल भेंट कर सम्मानित किया गया। उनके जीवन अनुभव एवं समाज के प्रति योगदान को प्रेरणादायक बताया गया। साथ ही कथा के पूज्य व्यासजी, पुजारीगण, भागवत श्रोताओं एवं आयोजन समिति के सभी सदस्यों को भी श्रीफल एवं शाल भेंट कर सम्मानित किया गया। यह क्षण अत्यंत गौरवपूर्ण एवं भावनात्मक रहा। विशाल भंडारे में उमड़ा जनसैलाब

कथा समापन के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
कारीगोही सहित आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भंडारे में शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। भंडारे की व्यवस्थाएं ग्रामवासियों के सहयोग से सुव्यवस्थित रूप से सम्पन्न हुईं।

सहयोग और एकता की मिसाल बना आयोजन
इस पूरे सप्ताह चले आयोजन में युवाओं, मातृशक्ति एवं वरिष्ठजनों ने तन-मन-धन से सहयोग दिया। पंडाल सजावट, पेयजल, बैठक व्यवस्था एवं भंडारे की तैयारियों में सभी ने मिलकर जिम्मेदारी निभाई।कार्यक्रम के संरक्षक श्री गुलाब शुक्ला ने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में एकता, सद्भाव और संस्कारों को सुदृढ़ करते हैं। सप्ताह भर चला यह पावन आयोजन कारीगोही गांव के लिए भक्ति, एकता और उत्सव का अद्भुत प्रतीक बन गया। श्रद्धालुओं के मन में इस आयोजन की मधुर स्मृतियां लंबे समय तक बनी रहेंगी।

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