युवाओं, महिलाओं ने एक स्वर में कहा – हम स्वयं में सक्षम,
धरमजयगढ़ – अदानी समूह के प्रस्तावित कोल ब्लॉक के प्रस्तावित क्षेत्रों में परियोजना को लेकर क्षेत्र में विरोध और तेज हो गया है। ग्राम सभाओं में ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन और जंगल नहीं छोड़ेंगे। लोगों का कहना है कि कंपनी चाहे नौकरी का लालच दे या मुआवज़े का दावा, वे अपनी परंपरागत आजीविका से समझौता नहीं करेंगे।
कोयला खदान का विरोध करते युवा
ग्रामीणों का कहना था — “हम अपने काम से संतुष्ट हैं, हमें नौकरी नहीं चाहिए। जंगल, जमीन और जल ही हमारा जीवन है। जिसे बचाने के लिए हम आख़िरी दम तक खड़े रहेंगे।”
ग्रामीणों ने दिखाई एकजुटता
ग्रामवासियों ने आशंका जताई कि कोल ब्लॉक शुरू होने पर जंगल खत्म होंगे, हाथियों के पारंपरिक मार्ग प्रभावित होंगे, जल स्रोत सूखेंगे और आने वाली पीढ़ियों पर आजीविका संकट खड़ा हो जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें विकास के नाम पर बेदखली, प्रदूषण और विस्थापन स्वीकार नहीं।
महिलायें भी विरोध में हुई मुखर
ग्राम सभा में कई वक्ताओं ने सवाल उठाया कि जब क्षेत्र में वनोपज, खेती, जलस्त्रोत और प्राकृतिक संसाधन पहले से आजीविका दे रहे हैं, तो जंगल उजाड़ कर रोजगार देने का मॉडल किस तरह का विकास है? लोगों ने दो टूक कहा कि “हम संसाधनों से समृद्ध हैं, हमें खदानों के भरोसे जीना नहीं सीखना।”