पामगढ़ में पटवारी हड़ताल से हाहाकार: आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र ठप, छात्र और किसान सबसे ज्यादा परेशान!
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जांजगीर-चांपा, 27 अक्टूबर 2026। पामगढ़ तहसील में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर अब आम जनता पर साफ दिखने लगा है। 13 अक्टूबर से प्रदेशभर में चल रही इस हड़ताल के कारण तहसील में राजस्व कामकाज लगभग पूरी तरह ठप पड़ गया है।
तहसील कार्यालय में रोजाना दर्जनों ग्रामीण आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन पटवारी प्रतिवेदन न मिलने से सैकड़ों आवेदन धूल खा रहे हैं। छात्रों को स्कूल-कॉलेज में प्रवेश और छात्रवृत्ति के लिए जरूरी दस्तावेज नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे उनका भविष्य अधर में लटक गया है।
किसानों की मुश्किलें भी कम नहीं हैं। नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और जमीन संबंधी अन्य काम पूरी तरह रुक गए हैं। गिरदावरी का काम अधूरा रह गया है। धान खरीदी का सीजन नजदीक आते ही किसान चिंता में हैं कि बिना गिरदावरी के धान बेचना मुश्किल हो जाएगा।
क्यों हड़ताल पर हैं पटवारी?
पटवारी संघ पीवी ऐप की तकनीकी और व्यावहारिक खामियों, वेतन विसंगति दूर करने और पदोन्नति की मांग को लेकर अड़ा हुआ है। संघ का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल जारी रहेगी।
प्रशासन बेखबर:
अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस वैकल्पिक व्यवस्था लागू नहीं की गई है। कुछ अन्य तहसीलों में राजस्व निरीक्षक के माध्यम से प्रमाण पत्र जारी कराने की व्यवस्था की गई है, लेकिन पामगढ़ में अभी ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई है, जिससे लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है। यदि हड़ताल और लंबी चली तो आम जनता की परेशानी और भी बढ़ेगी।
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