नवरात्रि में भी अंधेरे में डूबा ‘बंजारी माता’ का दरबार, पार्षद ने लगाया लीपापोती का आरोप
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चक्काजाम की चेतावनी के बाद भी निर्माण कंपनी की लापरवाही उजागर

धरमजयगढ़ – जहां एक तरफ पूरे देश और प्रदेश में शारदीय नवरात्रि की धूम है, माता रानी के भव्य दरबार सज चुके हैं और जगह-जगह आदिशक्ति की आराधना हो रही है, वहीं छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र से एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण तस्वीर सामने आई है। भारतमाला परियोजना के तहत सड़कों का जाल तो बिछ रहा है, लेकिन विकास की इस आंधी में स्थानीय लोगों की आस्था को बुरी तरह कुचल दिया गया है। धरमजयगढ़ के सिसरिंगा घाट स्थित प्रसिद्ध बंजारी माता मंदिर का दर इस पावन पर्व पर भी पूरी तरह अंधेरे में डूबा हुआ है।

नवरात्रि शुरू होने के बाद भी मंदिर परिसर में न तो बिजली की कोई मुकम्मल व्यवस्था की गई है और न ही माता के दरबार को पारंपरिक झालरों या लाइटों से सजाया गया है। यह घोर लापरवाही उस स्थिति में सामने आई है, जब कुछ दिनों पहले ही स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने नवरात्रि से पूर्व मंदिर का जीर्णोद्धार न होने पर प्रशासन को ‘चक्काजाम’ जैसे उग्र आंदोलन की दोटूक चेतावनी दी थी।

वादे से मुकरी भारतमाला सड़क निर्माण एजेंसी ‘दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड’
विदित हो कि भारतमाला सड़क निर्माण की जिम्मेदारी संभाल रही दिलीप बिल्डकॉन कंपनी ने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि वे न सिर्फ बंजारी मंदिर का भव्य जीर्णोद्धार करेंगे, बल्कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान अवैध रूप से नष्ट की गई मंदिर की अन्य संपत्तियों को भी पूरी तरह से दोबारा बनाकर देंगे। लेकिन धरातल पर कंपनी के सारे दावे पूरी तरह खोखले और हवा-हवाई साबित हुए हैं।

युवा नेता और पार्षद जानू सिदार ने खोला मोर्चा, कहा- ‘सिर्फ लीपापोती कर रही कंपनी’
इस पूरे घटनाक्रम और घोर प्रशासनिक व कॉर्पोरेट लापरवाही को लेकर धरमजयगढ़ के मुखर युवा नेता और पार्षद जानू सिदार ने दिलीप बिल्डकॉन कंपनी को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है।

मामले पर तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए पार्षद जानू सिदार ने कहा:
“जीर्णोद्धार और वादों के नाम पर दिलीप बिल्डकॉन कंपनी स्थानीय जनता और माता के भक्तों की आंखों में धूल झोंक रही है। ग्राउंड पर काम के नाम पर सिर्फ लीपापोती की जा रही है। आस्था के इतने बड़े केंद्र को नवरात्रि के दिनों में भी अंधेरे में रखना यह दर्शाता है कि कंपनी को जनभावनाओं की कोई कद्र नहीं है।”

कल होगी अहम बैठक, आंदोलन की रणनीति तैयार!
पार्षद जानू सिदार ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि इस गंभीर मुद्दे और जन-आक्रोश को देखते हुए दिलीप बिल्डकॉन कंपनी में लाइजनिंग का काम संभाल रहे अधिकारी प्रदीप सिंह ने कल (सोमवार) इस विषय पर मुलाकात करने की बात कही है। सिदार ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि कल कंपनी प्रबंधन के साथ होने वाली इस बातचीत और उनके रुख के आधार पर ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। यदि कंपनी ने तत्काल प्रभाव से अपनी गलतियों को नहीं सुधारा और मंदिर को उसका उचित स्वरूप व व्यवस्थाएं नहीं दीं, तो क्षेत्र की जनता सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेगी।
अब देखना यह होगा कि कल की बैठक में दिलीप बिल्डकॉन कंपनी प्रबंधन अपनी इस घोर लापरवाही पर क्या सफाई देता है और माता के दरबार में फैली इस अव्यवस्था को दूर करने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।

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