छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय कर्मचारियों ने उठाई आवाज: 18 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम सौंपा ज्ञापन*
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संभाग ब्यूरो दुर्गा गुप्ता


मनेंद्रगढ़-भरतपुर-सोनहत: छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों की समस्याओं के निवारण के लिए ‘नवयुक्त अधिकारी/कर्मचारी कल्याण संघ (छ.ग.)’ ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। संघ द्वारा 28 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव (छत्तीसगढ़ शासन) और कलेक्टर (जिला- मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर) के नाम एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा गया है।इस ज्ञापन के माध्यम से नगरीय निकायों में लंबे समय से लंबित 18 सूत्रीय मांगों के त्वरित निराकरण की मांग की गई है।प्रमुख बिंदु और मांगें:लंबे समय से अधूरी मांगें: संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि नगरीय निकायों के अधिकारियों और कर्मचारियों की जायज मांगों को लेकर पिछले कई वर्षों से शासन का ध्यान आकर्षित कराया जा रहा है, लेकिन आज तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।18 सूत्रीय मांग पत्र: कर्मचारियों ने अपनी सेवा शर्तों, अधिकारों और हितों से जुड़ी 18 प्रमुख मांगों की सूची (मांग पत्र) शासन के समक्ष प्रस्तुत की है। नगरीय निकाय के अधिकारी/कर्मचारियों की 18 प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
ओल्ड पेंशन योजना (OPS) नगरीय निकाय के कर्मचारियों के लिए लागू की जाए।
कर्मचारियों के लिए नवीन सेटअप स्वीकृत कर नियमित पदोन्नति की कार्यवाही की जाए। नियमित पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ न मिलने तक निकायों में किसी भी प्रकार की सीधी भर्ती पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया जाए तथा परिसीमित सीधी भर्ती सुनिश्चित की जाए।
नगरीय निकाय के कर्मचारियों के पदोन्नति एवं समयमान वेतनमान के प्रकरणों में पीआईसी/एमआईसी द्वारा 21 दिनों के भीतर निर्णय नहीं लिए जाने पर जिला चयन समिति से निराकरण करने हेतु नियमों में प्रावधान किया जाए।
राज्य प्रशासनिक सेवा का विधिवत एवं पृथक डाइंग कैडर शीघ्र गठित किया जाए। नगर निगम आयुक्त के स्वीकृत एवं उपलब्ध पदों पर राज्य प्रशासनिक सेवा के योग्य एवं वरिष्ठ अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर पदस्थ किया जाए तथा समयमान वेतनमान एवं पदोन्नति के विगत 13 वर्षों से लंबित मामलों का निराकरण किया जाए।
अभियंता संवर्ग के पदोन्नति, प्रतिनियुक्ति एवं संविलियन संबंधी समस्याओं का निराकरण किया जाए।
लेखापाल संवर्ग के वेतनमान में सुधार एवं पदोन्नति हेतु अवधि कम की जाए।
प्लेसमेंट कर्मचारियों को दैनिक वेतन भोगी में रखा जाए तथा 10 से 15 वर्ष से कार्यरत कर्मचारियों को नियमित किया जाए एवं श्रम सम्मान निधि ₹4,000 प्रतिमाह प्रदान की जाए।
नियमित सफाई विभाग के कर्मचारियों (स्वच्छता निरीक्षक/सफाई दरोगा/सफाई कामगार एवं अन्य कर्मचारियों) को पदोन्नति हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए तथा कोषियर/कम्प्यूटर ऑपरेटर/सम्पापाल/पंप अटेंडेंट/वाहन चालक की पदोन्नति हेतु चैनल निर्धारित किया जाए।
सेवा निवृत्त अधिकारियों/कर्मचारियों के देय स्वत्व का भुगतान अविलंब सुनिश्चित किया जाए।
प्रतिमाह की 1 तारीख को वेतन भुगतान ट्रेजरी के माध्यम से किया जाए।
विगत कई वर्षों से जमा नहीं किए गए कर्मचारियों के एनपीएस/जीपीएफ/जीआईएस कटौती की राशि को शीघ्र ही प्राण नंबर खाते/जीपीएफ खाते में जमा कराया जाए।
छठवें एवं सातवें वेतनमान की एरियर्स राशि के भुगतान की स्वीकृति दी जाए।
नगरीय निकाय के अधिकारी/कर्मचारी को कैशलेस चिकित्सा हेतु प्रावधान किया जाए एवं वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण उपलब्ध कराया जाए तथा शासकीय कर्मचारियों की भांति नगरीय निकायों में भी सैलरी पैकेज योजना लागू की जाए।
विभागीय डिप्लोमा (LSGD) प्राप्त अधिकारी/कर्मचारी से वसूली की कार्यवाही रोकी जाए तथा कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की जाए।
अन्य विभाग से प्रतिनियुक्ति पर अधिकारी/कर्मचारियों की पद स्थापना पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया जाए।
शासकीय विभागों की भांति खुली स्थानांतरण नीति लागू की जाए।
अधिकारी/कर्मचारियों के साथ जनप्रतिनिधि/अन्य के द्वारा दुर्व्यवहार पर नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा सख्त से सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
संघ की मांग पर शासन द्वारा गठित कमेटी का निर्णय सार्वजनिक किया जाए एवं निकायों से प्राप्त सुझाव तथा विभागीय आदेश अनुसार कार्ययोजना के संबंध में परामर्शदात्री बैठक से प्राप्त सुझाव की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
निराकरण की अपील: ज्ञापन में विनम्रतापूर्वक निवेदन किया गया है कि नगरीय निकायों में कार्यरत सभी अधिकारी-कर्मचारियों की इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर जल्द से जल्द इनका निराकरण किया जाए।इस ज्ञापन पत्र पर संघ के प्रांतीय अध्यक्ष संजय शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष शश्रवण कुमार सिंह, प्रदेश सचिव मुकेश तिवारी प्रदेश प्रवक्ता विकास मिश्रा, सचिव पवन साहू,संभाग अध्यक्ष संजय पांडे सम्भाग सचिव पदमा राव और जिला अध्यक्ष पंचू राम शाहू सहित अन्य प्रमुख पदाधिकारियों के हस्ताक्षर और मुहर मौजूद हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी भरे लहजे में उम्मीद जताई है कि शासन इस बार उनकी मांगों को गंभीरता से लेगा।


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