अहस्तांतरणीय’ शासकीय पट्टे की जमीन की रजिस्ट्री! देउरमार में जमीन सिंडिकेट का खेल उजागर !
1 min read

धरमजयगढ़ – धरमजयगढ़ क्षेत्र के छाल तहसील अंतर्गत ग्राम देउरमार में शासकीय पट्टे की भूमि के पंजीयन का मामला सामने आया है। खसरा नंबर 5/2/ख, रकबा 1.4610 हेक्टेयर भूमि वर्ष 1957-58 में जागरसाय पिता रोन्हा को कृषि कार्य के लिए आबंटित की गई थी। उपलब्ध राजस्व अभिलेखों के अनुसार, वर्ष 2001 के कैफियत कॉलम में उक्त भूमि को ‘शासकीय पट्टे से प्राप्त’ एवं ‘अहस्तांतरणीय’ दर्ज किया गया है।

बताया जा रहा है कि इसके बावजूद उक्त भूमि का क्रय-विक्रय पंजीयन 5 मार्च 2026 को धरमजयगढ़ के स्थानीय उप-पंजीयक कार्यालय के बजाय रायगढ़ जिला पंजीयक कार्यालय में कराया गया। बाद में भूमि अविनाश कुमार एवं मुस्ताक मोहम्मद, निवासी रायगढ़, के नाम दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

अहस्तांतरणीय दर्ज भूमि का पंजीयन किन दस्तावेजों और अनुमति के आधार पर किया गया, यह जांच का विषय है। साथ ही, पंजीयन के समय भूमि की मूल आबंटन शर्तों और राजस्व अभिलेखों में दर्ज प्रतिबंधों का परीक्षण किया गया था या नहीं, इसकी भी जांच आवश्यक है।
यदि स्थानीय कार्यालय में पंजीयन संबंधी कोई आपत्ति या अस्वीकृति दर्ज थी, तो जिला पंजीयक कार्यालय में अपनाई गई प्रक्रिया और निर्णय के कारणों को स्पष्ट किया जाना चाहिए। मामले में मूल पट्टा, राजस्व अभिलेख, पंजीयन विलेख और नामांतरण प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराकर, अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदारी तय करने की मांग उठ रही है।
Subscribe to my channel