
धरमजयगढ़ – रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ तहसील में आदिवासी समुदाय की भूमि का गैर-आदिवासी के नाम पर कथित रूप से नियम विरुद्ध नामांतरण किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), धरमजयगढ़ के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर मामले की निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
2018 में नामांतरण आवेदन खारिज होने का उल्लेख
आवेदन में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, धरमजयगढ़ नजूल क्षेत्र की संबंधित भूमि के क्रय-विक्रय के आधार पर नामांतरण की प्रक्रिया शुरू की गई थी। 20 अगस्त 2018 को न्यायालय नजूल अधिकारी, धरमजयगढ़ द्वारा पारित आदेश में धरमजयगढ़ तहसील को आदिम जनजाति अधिसूचित क्षेत्र बताते हुए छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 165(6) के प्रावधानों का उल्लेख किया गया था। शिकायत के अनुसार, संबंधित भूमि के नामांतरण आवेदन को उस समय नियमों के उल्लंघन के आधार पर खारिज कर दिया गया था।
2023 के आदेश में पुराने प्रकरण का उल्लेख नहीं होने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 29 नवंबर 2023 को पारित एक नए आदेश के माध्यम से उसी भूमि का नामांतरण गैर-आदिवासी खरीदारों के पक्ष में कर दिया गया। आवेदनकर्ता का कहना है कि नए आदेश में वर्ष 2018 के पूर्व नामांतरण खारिज आदेश का उल्लेख नहीं किया गया। साथ ही, शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित भूमि पर भू-राजस्व संहिता की धारा 165(6) लागू नहीं होने का उल्लेख करते हुए नामांतरण आदेश पारित किया गया।
निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग
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