छाल खदान विस्तार पर ग्रामीणों का कड़ा रुख: जनसुनवाई के बहिष्कार की तैयारी, SECL की विस्तार योजना से क्षेत्र में आक्रोश, पानी-सड़क-स्वास्थ्य और विस्थापन बने मुख्य मुद्दे; स्थानीय विधायक व प्रतिनिधियों ने दिया समर्थन
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धरमजयगढ़ / छाल – साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की छाल खदान विस्तार योजना को लेकर रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ तहसील अंतर्गत छाल क्षेत्र में विरोध की लहर तेज हो गई है। आगामी 29 सितम्बर को निर्धारित जनसुनवाई के खिलाफ ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी बरसों पुरानी मूलभूत समस्याओं का ठोस समाधान नहीं निकाला जाता, तो वे जनसुनवाई का बहिष्कार करेंगे और अपनी जमीनों व अधिकारों की रक्षा के लिए गोलबंद होंगे।

पुरानी योजनाएं अधूरी, नए विस्तार पर भड़का गुस्सा
छाल खदान से प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि दशकों से कोयला खनन चलने के बावजूद स्थानीय लोग आज भी पानी, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब तक पुराने पुनर्वास और मुआवजे के मामलों का पूर्ण समाधान नहीं होता, तब तक खदान के नए विस्तार की अनुमति किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी।

विधायक और जन प्रतिनिधियों का मिला साथ
इस आंदोलन को तब और मजबूती मिली जब क्षेत्रीय विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों की मांगों का खुलकर समर्थन किया। जनप्रतिनिधियों का मानना है कि केवल औपचारिक आपत्ति दर्ज कराने से बात नहीं बनेगी, बल्कि अपनी जमीन, पर्यावरण और अधिकारों को बचाने के लिए एकजुट होकर कड़ा रुख अपनाना होगा।
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