दस्तावेज मांगे तो जवाब गायब! शेरबंद कोल ब्लॉक पर खनिज विभाग घिरा सवालों में !
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धरमजयगढ़ – शेरबंद कोल ब्लॉक से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों और खनन संबंधी जानकारी को लेकर दायर आरटीआई आवेदन के लंबित रहने का मामला अब प्रथम अपील तक पहुंच गया है। आवेदक ने निर्धारित समय-सीमा में वांछित जानकारी उपलब्ध नहीं कराए जाने को सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन बताते हुए प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष अपील प्रस्तुत की है।

गौरतलब है कि आवेदक ने 13 जुलाई 2026 को जिला खनिज शाखा, रायगढ़ के लोक सूचना अधिकारी के समक्ष आरटीआई आवेदन प्रस्तुत कर शेरबंद कोल ब्लॉक से संबंधित महत्वपूर्ण अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां मांगी थीं।
लेकिन आवेदन की स्थिति अब भी वांछित सूचना उपलब्ध नहीं होने के बाद आवेदक ने प्रथम अपील का रास्ता अपनाया है।
अब प्रथम अपीलीय अधिकारी से उम्मीद
प्रथम अपील में आवेदक ने उम्मीद जताई है कि प्रथम अपीलीय अधिकारी पूरे मामले का परीक्षण कर वांछित जानकारी उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे। आवेदक का कहना है कि इस कार्रवाई से शेरबंद कोल ब्लॉक से जुड़े उन तमाम सवालों पर विराम लग सकेगा, जो लंबे समय से स्पष्टता की प्रतीक्षा में हैं।
विशेष रूप से खनन अधिकार किस स्थिति में हैं, लीज की वास्तविक सीमा क्या है, स्वीकृत खनन योजना क्या कहती है, विभागीय निरीक्षणों में क्या सामने आया और कंपनी द्वारा अनुपालन के संबंध में क्या दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं, इन सभी बिंदुओं पर प्रमाणित सरकारी दस्तावेज सामने आना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मामला अब केवल सूचना का नहीं, पारदर्शिता का सवाल
शेरबंद कोल ब्लॉक को लेकर क्षेत्र में पहले से ही कई तरह के सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में आरटीआई के माध्यम से मांगी गई जानकारी का सामने आना पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
आवेदक का स्पष्ट कहना है कि यदि मांगी गई सभी सूचनाएं और अभिलेख पारदर्शिता के साथ उपलब्ध करा दिए जाते हैं तो खनन से संबंधित कई सवालों और आशंकाओं पर स्वतः विराम लग जाएगा। इसके बाद स्थिति सरकारी दस्तावेजों के आधार पर स्पष्ट होगी और किसी तरह के कयास की गुंजाइश भी कम होगी।
अब देखना यह है कि प्रथम अपीलीय अधिकारी इस अपील पर क्या कार्रवाई करते हैं और क्या शेरबंद कोल ब्लॉक से जुड़े सभी वांछित दस्तावेज आवेदक को उपलब्ध कराए जाते हैं।
क्योंकि सवाल सिर्फ एक आरटीआई के जवाब का नहीं है बल्कि सवाल यह भी है कि शेरबंद कोल ब्लॉक से जुड़ी खनन प्रक्रिया, लीज, सीमाओं, स्वीकृतियों और विभागीय कार्रवाई की पूरी तस्वीर आखिर कब सार्वजनिक दस्तावेजों के साथ सामने आएगी?
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