चित्रकूट– धार्मिक नगरी चित्रकूट में ऐतिहासिक दीपावली मेले का भव्य और अलौकिक नजारा देखने को मिल रहा है। इस 5 दिवसीय दीवाली मेले के दूसरे दिन ही करीब 15 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र मंदाकिनी नदी में आस्था की डुबकी लगाई। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा कर भगवान कामतानाथ के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। देशभर से चित्रकूट पहुंचे श्रद्धालु मंदाकिनी और कामदगिरि में दीपदान कर हर्षोल्लास के साथ दीपोत्सव मना रहे हैं।
त्रेतायुग से जुड़ी है दीपदान की पावन परंपरा पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, त्रेतायुग में वनवास काल के दौरान प्रभु श्रीराम ने अपने जीवन के साढ़े 11 वर्ष चित्रकूट की इसी पावन धरती पर बिताए थे। लंका विजय के पश्चात जब प्रभु श्रीराम पुनः चित्रकूट पधारे, तब यहां के ऋषि-मुनियों, संतों और नर-नारियों ने कामदगिरि में 33 करोड़ दीप प्रज्ज्वलित कर उनका भव्य स्वागत किया था और दीपावली मनाई थी। तभी से चित्रकूट के कामदगिरि और मंदाकिनी में दीपदान करने की यह दिव्य परंपरा निरंतर चली आ रही है।